बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि बिहार पुलिस ने पटना में SDPI के दफ्तर और इनसे जुड़े अन्य संगठनों पर छापेमारी की है। पटना के सब्जीबाग इलाके में एसडीपीआई का दफ्तर है। मामले की कई लोगों को गिरफ्तार किए जाने की भी खबर है। रिपोर्ट्स की मानें तो कार्रवाई में ATS भी शामिल है।
अब तक तीन गिरफ्तार, गजवा-ए-हिंद ग्रुप से संबंध
इससे पहले पटना में देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए आतंकियों में एक झारखंड पुलिस का रिटायर्ड दरोगा मोहम्मद जलालुद्दीन था, तो दूसरा पीएफआई का मौजूदा सदस्य अतहर परवेज था। जलालुद्दीन पहले सिमी से जुड़ा था।
एसएसपी पटना एमएस ढिल्लों ने बताया कि एक अन्य आरोपी मार्गुव अहमद दानिश उर्फ ताहिर को बीती रात गिरफ्तार किया गया। वह फुलवारीशरीफ का रहने वाला है। उन्होंने 2006-2020 तक दुबई में काम किया। हमने फोन नंबर इंटरसेप्ट किया और राष्ट्रविरोधी सामग्री पाई। शख्स गजवा-ए-हिंद ग्रुप से जुड़ा था।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति ने 2 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जो पाकिस्तान नंबर के जरिए बनाए गए और उसे एडमिन बनाया गया। इसमें खाड़ी देशों के कई लोग थे। एक और समूह जनवरी में बनाया गया था और इसमें बांग्लादेशी लोग थे। ये समूह कश्मीर से संबंधित आतंकवाद समर्थक पोस्ट के साथ-साथ लोगों को भड़काने वाली राष्ट्रविरोधी सामग्री बांट रहे थे। इनकी 2023 में जिहाद में शामिल होने की उनकी योजना थी।
पटना पुलिस के मुताबिक, आतंकियों ने पटना के फुलवारी शरीफ के अहमद पैलेस की दूसरी मंजिल को ट्रेनिंग सेंटर बनाया था। ये पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया से भी जुड़े थे, जो बिहार में कई जगहों में फैले हुए हैं। पकड़े गए दोनों आतंकी मार्शल आर्ट की आड़ में आतंक की ट्रेनिंग दे रहे थे। इनके पास से PFI-SDPI का गुप्त दस्तावेज ‘मिशन 2047’ मिला है जिसमें 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की बात कही गई है।
विदेशी संगठनों से संपर्क
जांच में सामने आया कि परवेज विदेशी संगठनों के सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में था और देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटाता था। बताया जा रहा है कि मामले के तार पाकिस्तान से भी जुड़ सकते हैं। प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले की जांच कर रहा है।