बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन से पहले सीटों का बंटवारा करके सत्तारूढ़ राजग ने जो बढ़त ली थी, वह सहयोगी दलों के आपसी संघर्ष से खत्म होती दिख रही है। नीतीश कुमार की अगुवाई वाले जदयू ने चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सात सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी।
सीट बंटवारे पर बनी सर्वसम्मति को संकट में देख भाजपा नेतृत्व सक्रिय हो गया। कुछ सीटों पर दोस्ताना संघर्ष टालने के लिए उसने लोजपा (आर) के समक्ष जदयू से टकराव वाली सीटों के बदले नई सीटें देने का प्रस्ताव रखा। हम एवं राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को भी मनाया गया। लोजपा को जिन 27 सीटों का नया प्रस्ताव दिया है, उनमें जदयू से टकराव वाली एक भी सीट नहीं है। पार्टी की कोशिश गठबंधन में ‘ऑल इज वेल’ का संदेश देने के लिए सीट बंटवारे पर जल्द सहमति बनाकर इसका औपचारिक एलान करने की है।
लोजपा सूत्रों ने कहा, भाजपा ने 27 सीटों की नई सूची दी है। इनमें जदयू से टकराव वाली सोनबरसा, मोरवा, एकमा, राजगीर, गायघाट, मटिहानी व अलौली सीटें नहीं हैं। दो अन्य सीटों पर चर्चा जारी है। चिराग नए प्रस्ताव से सहमत हैं और उन्होंने 14 सीटों पर अपने उम्मीदवार भी घोषित कर दिए हैं।
‘सब कुछ ठीक नहीं’ से ‘अब सब ठीक है’ तक
आमराय बनाने के लिए बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने आरएलएम के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा के साथ 40 मिनट बैठक की। पटना में राजग में सब कुछ ठीक नहीं होने का दावा करने वाले कुशवाहा ने मुलाकात के बाद कहा कि राजग में अब सब कुछ ठीक है। गौरतलब है कि मंगलवार देर रात तक भाजपा के प्रदेश स्तर के नेता कुशवाहा को मनाने में नाकाम रहे थे। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के मुखिया जीतनराम मांझी को भी मनाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी पहले ही कुशवाहा को राज्यसभा का एक और कार्यकाल देने और मांझी को विधान परिषद की एक सीट देने का वादा कर चुकी है।
जदयू की पहली सूची में बाहुबली अनंत
जदयू ने 57 उम्मीदवारों की पहली सूची में चार मौजूदा विधायकों के टिकट काट कर दिए हैं। सूची में मोकामा से बाहुबली अनंत सिंह भी हैं, जो मंगलवार को नामांकन कर चुके हैं।
हिसाब चुकता कर रहे नीतीश
चिराग ने पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू को करारा झटका दिया था। तब उन्होंने जदयू कोटे की ज्यादातर सीटों पर प्रत्याशी उतार तीन दर्जन सीटों का नुकसान पहुंचाया था। इस कारण जदयू राज्य में तीसरे नंबर की पार्टी बन कर रह गई। कहा जा रहा है कि इस बार चिराग के कोटे की सीटाें पर उम्मीदवार उतार नीतीश पुराना हिसाब चुकता कर रहे हैं। जदयू ने किसी और सहयोगी के कोटे की सीट पर प्रत्याशी नहीं उतारे हैं।
चिराग के लिए समय कम
पहले चरण के लिए नामांकन का आखिरी दिन खत्म होने में महज दो दिन बचे हैं, ऐसे में चिराग पासवान के पास पलटवार करने का बेहद कम समय है। हां, अगर राजग में बात और बिगड़ती चली गई, तो चिराग दूसरे चरण की सीटों पर जदयू के खिलाफ पलटवार कर सकते हैं। हालांकि इसकी संभावना अब कम है, क्योंकि भाजपा लगातार तनाव कम करने औैर सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने में जुटी है।
जदयू से तालमेल ठीक
लोजपा (आर) के साथ तनातनी के बीच जदयू और भाजपा के प्रगाढ़ रिश्तों में कोई खटास नहीं आई है। जदयू ने अपने कोटे की कांटी और मीनापुर सीट से भाजपा नेताओं अजीत कुमार और अजय कुशवाहा को मौका दिया है। ये दोनों जदयू छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए थे। इसके अतिरिक्त, भाजपा ने भी जदयू में मची खींचतान के बाद उसके कोटे की दो सीटों कहलगांव और काराकाट पर अपना दावा छोड़ दिया, वहीं नीतीश ने तारापुर सीट से दावेदारी हटा ली।