सार
पूर्वी चंपारण के रक्सौल में प्रशासन, एसएसबी और 'प्रयास' संस्था ने संयुक्त कार्रवाई कर 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी का बाल विवाह रुकवा दिया। राजस्थान से आए 32 वर्षीय कथित दूल्हे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल अनुमंडल में 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी की शादी 32 वर्षीय युवक से कराए जाने की कोशिश को प्रशासन ने ऐन वक्त पर नाकाम कर दिया। हरैया थाना क्षेत्र के चिकनी गांव में प्रशासन, एसएसबी और सामाजिक संस्था 'प्रयास' की संयुक्त कार्रवाई में बाल विवाह रुकवाया गया। इस दौरान राजस्थान से आए कथित दूल्हे समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जानकारी के अनुसार, चिकनी गांव निवासी 14 वर्षीय अंशु कुमारी (बदला हुआ नाम) की शादी राजस्थान निवासी 32 वर्षीय युवक से कराई जा रही थी। इसकी सूचना सामाजिक संस्था 'प्रयास' को मिली। संस्था ने तत्काल प्रशासन को अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के निर्देश पर हरैया थाना पुलिस, एसएसबी और 'प्रयास' संस्था की संयुक्त टीम गठित की गई।
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संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर शादी की तैयारियां रुकवा दीं। नाबालिग किशोरी को सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसकी काउंसिलिंग की व्यवस्था की गई। कार्रवाई के दौरान राजस्थान से आए कथित दूल्हे और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया।
प्रशासन ने कहा कि बाल विवाह कानूनन दंडनीय अपराध है। इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस या प्रशासन को जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों के अधिकारों और भविष्य की रक्षा की जा सके।रक्सौल में हुई यह कार्रवाई बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ प्रशासन की सख्ती और जागरूकता का संदेश मानी जा रही है।