आंगनबाड़ी सेविकाओं को समझाती पुलिस।
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हमलोगों को सरकारी कर्मचारी दर्जा तत्काल दिया जाए
इधर, प्रदर्शन कर रही सेविकाओं ने कहा कि हमलोग कफन बांधकर आएं हैं। सम्मानजनक मानदेय नहीं मिला तो 10 नवंबर के बाद डेला डालो घेरा डालो अभियान के तहत आंदोलन करेंगे। मुंगेर से आई मालती सिंह ने कहा कि हमलोगों को सरकारी कर्मचारी दर्जा तत्काल दिया जाए है। अगर यह नहीं देंगे तो सेविकाओं को 25 हजार प्रति माह और रसोईया को 18 हजार वेतन दिया है। हमलोगों पिछले कई साल से सरकार से मांग कर रहे हैं लेकिन बिहार सरकार इस पर ध्यान नहीं है। बिहार की ढाई लाख सेविका की यह मांग है कि सरकार हमलोगों की सारी मांगों को पूरा करे।
पटना में प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी सेविकाएं।
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तेजस्वी यादव ने हमें धोखा दिया
डाक बंगला चौराहा पर प्रदर्शन कर रहीं सेविकाओं ने कहा कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान कहा था कि हमारी सरकार बनेगी तो मानदेय डबल कर देंगे। हमने कोरोना काल में मौत को सामने देखकर काम किया गया है। अभी सेविकाओं को 5,950 रुपए और सहायिका को 2700 रुपये सैलरी के तौर मिल रहे हैं। इससे परिवार नहीं चलेगा। महागठबंधन की सरकार बनी तो हमें लगा कि तेजस्वी यादव अपना वादा पूरा करेंगे। लेकिन, उन्होंने हमें धोखा दिया है। प्रदर्शन करने पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग करना गलत है।