फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Doctors Strike: दरभंगा में सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में ओपीडी सेवा सेव, विरोध में उतरे डॉक्टर

Sat, 17 Aug 2024 09:38 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा

सार

Kolkata Doctor Case: डॉ. शीला कुमारी ने कहा कि देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया जा रहा है। कोलकाता की बेटी को तो पढ़ाया गया लेकिन उसे बचाया क्यों नहीं गया। किसी दूसरी बेटी के साथ ऐसी दरिंदगी नहीं हो, जिसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार को कड़े कानून बनाने चाहिए।
विज्ञापन
प्रदर्शन करते डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी और आरजी कर अस्पताल में भीड़ के उत्पात मचाने के विरोध में दरभंगा आईएमए ने सरकारी अस्पतालों सहित सभी निजी अस्पतालों में 24 घंटे के लिए ओपीडी सेवा बंद कर दिया है। दरभंगा सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण सुबह से मरीज परेशान दिख रहे हैं। बता दें कि उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमसीएच में पिछले चार दिनों से जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा बंद कर अपना विरोध जता रहे है। वहीं आज से इन जूनियर डॉक्टरों को आईएमए का भी समर्थन मिल गया है जिससे आज से हड़ताल और ज्यादा कारगर हो गया है। 

विज्ञापन


सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए
हड़ताल के सम्बंध में दरभंगा आईएमए के अध्यक्ष डॉ हरिदामोदर सिंह ने कहा है कि कोलकाता में रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने सभी डॉक्टरों को झकझोर कर रख दिया है। कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में साक्ष्य को मिटाने की नीयत से भीड़ ने वहां तोड़फोड़ की। इस दौरान धरने पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ भी मारपीट की गई। इस पूरे मामले ने चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने ऑन ड्यूटी चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए अविलंब मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की है।
 

विज्ञापन

महिला डॉक्टरों ने भी किया प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया गया
हड़ताल के सम्बंध में डॉ. शीला कुमारी ने कहा कि देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया जा रहा है। कोलकाता की बेटी को तो पढ़ाया गया लेकिन उसे बचाया क्यों नहीं गया। उन्होंने कहा कि किसी दूसरी बेटी के साथ ऐसी दरिंदगी नहीं हो, जिसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार को कड़े कानून बनाने चाहिए। वहीं डीएमसीएच में इलाज कराने आये एक मरीज के परिजन रामनाथ चौधरी ने बताया कि वे सहरसा से चलकर इलाज कराने आये थे लेकिन डॉक्टरों के हड़ताल के कारण वह अपने मरीज का इलाज नहीं करा सके जिसके बाद वह एक निजी क्लिनिक में भी गए लेकिन वहां भी हड़ताल के कारण उनके परिजन का इलाज नहीं हो सका।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें