फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: अनुग्रह नारायण मगध अस्पताल में ओपीडी जबरन ठप; एक साथी की मौत पर गुस्से में हैं संविदाकर्मी

Wed, 24 Jul 2024 09:58 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया

सार

मृत बिजली मिस्री के परिजनों और अन्य कर्मियों ने एएनएमएमसीएच में इमरजेंसी के मुख्य द्वार पर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित कर्मी को उचित मुआवजा देने की मांग करने लगे। इतना ही नहीं अस्पताल की ओपीडी सेवा को भी बाधित कर दिया।
विज्ञापन
प्रदर्शन करते संविदा कर्मी और मृतक के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल सह कॉलेज की ओपीडी सेवा बाधित हो गई है। कारण यह है कि अस्पताल के बिजली मिस्त्री की मंगलवार रात अस्पताल का मोटर चालू करने के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित होकर संविदाकर्मियों ने जमकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि बीती देर रात तेज बारिश हो रही थी जिसके कारण अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल के एक हिस्से में बरसात का पानी जमा होने लगा था। बरसात का पानी जमा होते देख मेडिकल अस्पताल प्रशासन के द्वारा बिजली मिस्त्री को बरसात के जमा पानी को मोटर चालू कर निकालने के लिए कहा गया था। मेडिकल में कार्यरत बिजली मिस्त्री आकाश पासवान ने जैसे ही मोटर चालू करने के लिए बटन दबाया। करंट लगने की वजह से बिजली मिस्त्री की मौके पर ही मौत हो गई। 

विज्ञापन


आक्रोशित कर्मियों व परिजनों ने किया प्रदर्शन
घटना के बाद बुधवार की सुबह मृत बिजली मिस्री के परिजनों और अन्य कर्मियों ने एएनएमएमसीएच में इमरजेंसी के मुख्य द्वार पर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित कर्मी को उचित मुआवजा देने की मांग करने लगे। इतना ही नहीं अस्पताल की ओपीडी सेवा को भी बाधित कर दिया।

मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी
आक्रोशित कर्मियों द्वारा ओपीडी सेवा को बाधित कर दिए जाने के कारण दूर दराज से आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि एएनएमएमसीएच मगध प्रमंडल का एकमात्र मेडिकल कॉलेज है। यही कारण है कि गया जिला सहित आसपास के जिलों के भी लोग यहां इलाज कराने पहुंचते हैं। आक्रोशित कर्मियों के आंदोलन के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि मृतक के परिजन अस्पताल में हंगामा करते रहे, लेकिन खबर लिखे जाने तक न तो कोई पुलिस कर्मी पहुंचे और ना ही अस्पताल प्रशासन पहुंची। जिसके वजह से पूरे अस्पताल में मरीज और तीमारदार परेशान हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें