राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन के मगध जोन पुनरुद्धार मामले में सीपीआई (माओवादी) के एक प्रमुख नेता पर आरोप पत्र दायर किया है। सीपीआई (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और उत्तर क्षेत्रीय ब्यूरो के प्रमुख प्रमोद मिश्रा उर्फ सोहन दा उर्फ बनवारी जी उर्फ बीबी जी उर्फ बाबा के करीबी सहयोगी विनोद मिश्रा उर्फ बिनोद कुमार मिश्रा को पूरक आरोप पत्र में विभिन्न धाराओं के तहत नामित किया गया है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी विनोद मिश्रा पर मगध क्षेत्र में सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए संगठन को पुनर्जीवित करने और मजबूत करने के प्रयास किया। विनोद मिश्रा ने अपने घर पर बैठकें आयोजित की और नक्सल नेताओं और कैडरों को आश्रय और रसद सहायता प्रदान की। पुलिस ने 10 अगस्त, 2023 को छापेमारी कर दो शीर्ष नक्सल नेताओं की गिरफ्तारी किया था। पुलिस ने दोनों के पास से विभिन्न नक्सल साहित्य, हस्तलिखित पत्र और सात मेमोरी कार्ड जब्त किए गए थे।
प्रमोद मिश्रा सहित तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अक्टूबर में जांच अपने हाथ में ले लिया और प्रमोद मिश्रा सहित तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एनआई ने आरोपी अनिल यादव उर्फ अंकुश और विनोद मिश्रा समेत तीन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद इस साल फरवरी में प्रमोद मिश्रा और अनिल यादव (नक्सली समूह के उप-क्षेत्रीय समिति सदस्य) के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। वहीं लंबे समय से फरार चल रहे 20 मार्च को धनबाद से गिरफ्तार किया गया।
देश विरोधी विचारधारा का प्रचार करने में लगे हुए थे
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी सीपीआई (माओवादी) की देश विरोधी विचारधारा का प्रचार करने में लगे हुए थे और मगध क्षेत्र में संगठन को पुनर्जीवित करने के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कैडर की भर्ती कर रहे थे। इतना ही नहीं यह लोग लेवी वसूलने में भी लगे हुए थे।