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बिहार: वायरल फीवर की चपेट में बच्चे, पटना समेत कई जिलों में बढ़ा प्रकोप

Wed, 08 Sep 2021 03:53 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, पटना

सार

  • सबसे बड़े असप्ताल पीएमसीएच में अव्यवस्था का आलम
  • शिशु वार्ड में भर्ती बच्चों को समय से देखने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं डॉक्टर
  • पटना के पीएमसीएच, एनएमसीएच, आईजीआईएमएस और एम्स में भी बच्चों के लिए मौजूद बेड फुल होने के कागार पर
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बिहार में वायरल फीवर का कहर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में वायरल फीवर का कहर बढ़ गया है, बच्चों से लेकर नौजवान तक इस फीवर की चपेट में आ गए हैं। राजधानी पटना के साथ सभी जिलों में इसका प्रकोप बढ़ गया है। बच्चे वायरल फीवर की चपेट में सबसे ज्यादा की संख्या में आ रहे हैं। बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज (पीएमसीएच) में वायरल फीवर से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है।

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पीएमसीएच में अव्यवस्था का आलम
पीएमसीएच में बच्चे तड़प रहे हैं, परिजन बिलख रहे हैं। लेकिन, डॉक्टरों का दिल नहीं पसीज रहा है। शिशु वार्ड में भर्ती बच्चों को समय से देखने के लिए डॉक्टर पहुंच नहीं रहे हैं। वार्ड में सीट से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि राजधानी के सभी बड़े अस्पतालों में बच्चों के इलाज के लिए बेड खाली नहीं हैं। पटना के पीएमसीएच, एनएमसीएच, आईजीआईएमएस और एम्स में भी बच्चों के लिए मौजूद बेड फुल होने के कागार पर पहुंच चुके हैं।

एनएमसीएच में बच्चा वार्ड, नीकु, पीकू और जेनरल वार्ड मिलाकर कुल 84 बेड हैं। लेकिन अचानक मरीजो की संख्या में बढ़ोतरी के कारण बच्चा वार्ड में कुल 87 बच्चे एडमिट हैं। जिसके कारण एक बेड पर दो- दो बच्चों को रखा जा रहा है।अस्पताल की स्थिति को देख बच्चों के परिजन भी परेशान हैं। उनका कहना है कि एक बेड पर दो बच्चों का इलाज करने से बच्चों में अन्य बीमारियों का भी खतरा बना रहता है। एनएमसीएच के अधीक्षक  डॉ. बिनोद सिंह ने बताया कि अभी बच्चों में निमोनिया, बुखार, खांसी, सर्दी के मरीज ज्यादा है जो इंफ्लेनजा के लक्षण हैं।
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वायरल फीवर से बच्चों की मौत
इस वायरल बुखार की चपेट में आने से तीन बच्चों की मौत हो चुकी है जबकि गोपालगंज में एक बच्चे की मौत हुई है। भागलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 70 बेड के शिशु वार्ड में 50 बच्चों का इलाज चल रहा है, जिसमें 20 बच्चे वायरल बुखार से पीड़ित हैं। सारण के अमनौर प्रखंड के सिरसा खेमकरण टारापुर गांव में पिछले चार दिनों के अंदर वायरल बुखार की वजह से तीन बच्चियों की मौत हुई है। अभी भी इस गांव में तकरीबन पांच दर्जन बच्चे बीमार हैं।

मेडिकल टीम इस गांव में कैंप कर रही है। चिंता की बात यह है कि बच्चों को बुखार के दौरान सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। गोपालगंज में चमकी बुखार के लक्षण वाले एक बच्चे की मौत के बाद मेडिकल कर्मियों और डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सरकार इस पूरी स्थिति को लेकर अलर्ट मोड में आ चुकी है।

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