मृतक रतन सिन्हा का प्रोफाइल फोटो और हंगामा करते लोग।
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बिहार के गया में एक कैदी की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतक कैदी के परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया। घटना को लेकर आक्रोशित परिजनों ने गया-चेरकी मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास जाम कर दिया। वहीं हंगामा बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह परिजनों को समझाबुझाकर शांत कराया। फिलहाल मेडिकल थाने की पुलिस नाराज लोगों को मनाने के बाद जाम खुलवाया गया।
एक माह पूर्व से धोखाधड़ी मामले में बंद थे जेल में
घटना के संबंध में परिजनों का कहना है कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लखनपुरा गांव के रहने वाले रतन सिन्हा एक महीने से पूर्व गया सेंट्रल जेल में धोखाधड़ी के मामले में बंद थे। बुधवार की सुबह अचानक उनकी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने जमकर किया बवाल
मौत की सूचना पर मृतक रतन सिन्हा के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। उसके बाद शव को अस्पताल के पास गया-चेरकी मुख्य सड़क मार्ग को जाम कर दिया। परिजनों ने इसकी हत्या जेल में ही कर देने का आरोप लगा रहे हैं। इस सूचना के बाद मेडिकल थाना की पुलिस दल-बल के साथ अस्पताल पहुंची और परिजनों को शांत कराया। हालात संभलने के बाद सड़क मार्ग पर यातायात शुरू हुआ। वहीं मृतक के शव को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
कैदी के पिता ने की थाने में शिकायत
वहीं मृतक कैदी रतन सिन्हा ने पिता कपिल देव प्रसाद सिन्हा ने शहर के रामपुर थाने में लिखित शिकायत की है। उन्होंने बताया है कि चेक बाउंस मामले में 15 मई से गया जेल में बंद था। मेरे बेटे पर मुकदमा करने वाले सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के दुर्गावाड़ी मोहल्ले के रहने वाले अजय कुमार, नूतन नगर के रहने वाले सुनील कुमार उर्फ मूंगेरी और नीरज कुमार जेल प्रशासन से मिलकर बीती रात को जेल में ही हत्या करवा दिया। साक्ष्य छुपाने के लिए बुधवार की सुबह अस्पताल लाया गया। उन्होंने आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इस संबंध में जेल प्रशासन का कहना है कि कैदी रतन सिन्हा हाई वीपी के मरीज थे। तबियत बिगड़ने के वजह से मौत हुई है। वहीं पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई।