Bihar : बिहार में फिर कोविड ने दस्तक दे दिया है। शनिवार को कोरोना संक्रमण के तीन नए मामले सामने आए हैं। इन तीन मामलों के सामने आने के बाद जिले में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या पांच पहुंच गई है।
ठंड का मौसम आते ही गया में एक बार फिर से कोरोना ने विकराल रुप धारण करना शुरु कर लिया है। शनिवार को जिले में कोरोना संक्रमण के तीन नए मामले सामने आए हैं। इन तीन मामलों के सामने आने के बाद जिले में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या पांच पहुंच गई है।
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शनिवार को मिले तीन नए मामले
गया के सिविल सर्जन डॉ. रंजन कुमार सिंह ने बताया कि जिले में शनिवार को कोरोना के तीन नए केस सामने आए हैं। इनमें दो युवक और एक महिला शामिल है। कोरोना संक्रमित महिला आमस थाना क्षेत्र की निवासी है, जबकि कोरोना संक्रमित दोनों युवकों में एक को गया शहर के कोतवाली थानान्तर्गत टिकारी रोड और दूसरा युवक बेलागंज का निवासी है। उन्होंने बताया कि सभी का सैंपल पटना जांच के लिए भेजा जा रहा है।
पूर्व में मिले थे तीन मामले
दो दिन पूर्व भी गया में कोरोना संक्रमण के तीन मामले सामने आए थे। इनमें गया जिला के इमामगंज व वजीरगंज थाना क्षेत्र के एक-एक संक्रमित सहित औरंगाबाद जिला के एक व्यक्ति को भी कोरोना संक्रमित पाया गया था।
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लापरवाही न पड़ जाए भारी
कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा काफी पहले ही एडवायजरी जारी कर दी गई थी। इसके लिए लोगों से कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करने की अपील की गई थी। बावजूद आज भी लोग न तो मास्क का प्रयोग कर रहे हैं। और न ही कोविड-19 गाइडलाइन का ही पालन कर रहे हैं। लोगों की यह बेपरवाही कहीं उनपर भारी न पड़ जाए।
सावधानी ही बचाव
सिविल सर्जन डॉ. सिंह ने कहा कि कोरोना के इस वैरिएंट में पूरी तरह से सावधानी बरतने की आवश्यकता है। वैसे इन मरीजों को फिलहाल अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है लेकिन बदलते मौसम के बीच बढ़ रहे कोविड केस से लोगों की चिंता जरुर बढ़ गई है।
अस्पतालों में भी बरती जा रही लापरवाही
आम लोगों को छोड़ दें तो स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मियों द्वारा भी कोरोना संक्रमण को लेकर काफी लापरवाही बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों में काम करने वाले सभी स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मास्क का प्रयोग अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन, आज भी अस्पतालों के ओपीडी सहित अन्य विभागों में चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी बिना मास्क के खुलेआम घूमते और मरीजों की चिकित्सा करते देखे जा सकते हैं।