घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन।
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डीएम और एसपी ने घटनास्थल पर पहुंचे
जहानाबाद के थानेदार दिवाकर कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि हादसे के बाद डीएम और एसपी ने घटनास्थल पर पहुंचे हैं। वह हालात का जायजा ले रहे हैं। अब तक सात लोगों की मौत की सूचना मिली है। हमलोगों मृत और घायल लोगों के परिजनों से मिल रहे हैं और पूछताछ कर रहे हैं। मरने वालों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद हम शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजेंगे। घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। मरने वालों में गया के मोर टेकरी निवासी पूनम देवी, जहानाबाद के मखदुमपुर थाना क्षेत्र के लडौआ गांव की निशा कुमारी, जल बीघा के नाडोल की सुशीला देवी, नगर थाना क्षेत्र के एरकी गांव की नीता देवी, प्यारे पासवान और राजू कुमार शामिल हैं। वहीं एक अन्य महिला की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।
पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप
वहीं मखदुमपुर निवासी कृष्णा कुमार ने दावा किया है कि सात से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जहानाबाद सदर अस्पताल में कोई विधि व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं जहानाबाद पहाड़ पर भी प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। केवल चार-पांच पुलिसकर्मी किनारे-किनारे खड़े थे। कोई देखरेख करने वाले नहीं होने के कारण दर्शन करने वाले श्रद्धालु मनमानी कर रहे थे। धक्का-मुक्की करते हुए आगे बढ़ रहे थे। दो तरफ से रास्ता खुलने के कारण ऊपर काफी भीड़ हो जाती है। इसी कारण भगदड़ मची। मेरे परिवार से एक 20 साल की लड़की (निशा कुमारी) की मौत हो गई। एक लाश गाड़ी में पड़ी है। वह 35 साल के युवक की लाश है। अगर विधि व्यवस्था दुरुस्त रहती तो 35 साल का युवक नहीं मरता। एक मासूम बच्चे की मां मर गई है। वह रो-बिलख रहा है। उसे कोई देखने वाला है। एक-एक एंबुलेंस में चार-चार लोगों की लाशें लोड कर भेजी गई है।
घायलों का इलाज चल रहा है।
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