Bihar News : कई खबरें 'खबर' नहीं होती, क्योंकि उससे माहौल बिगड़ने की आशंका रहती है। लेकिन, यहां माहौल बिगड़ने की आशंका जब खत्म हो गई है तो उसमें बिहार सरकार की एक महिला अधिकारी की कोशिश का वह रूप सामने लाना ही 'वास्तविक खबर' है।
कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। जो खाद्य पदार्थ पूजा करते समय लोग नहीं छूते, उसे मंदिर में फेंक गए। यह अनजाने में नहीं किया गया, यह भी पक्का है। इससे हंगामा होने लगा। पहले भी इस तरह की कोशिश हो चुकी थी, लेकिन इस बार आरोपी की पहचान में समय लग रहा था। हंगामा बढ़ता जा रहा था। तो, बिहार सरकार की महिला अंचलाधिकारी, यानी सीओ ने खुद कमान संभाला। हंगामा रोकने के लिए उन्होंने ऐसा रास्ता अपनाया कि देखकर ही लोग काफी हद तक शांत हो गए। उन्होंने खुद झाड़ू उठाई और मंदिर की सफाई करने लगीं। मामला औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड के अमझरशरीफ इलाके की है।
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टायर जलाकर लोगों ने किया विरोध
शनिवार को घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश दिखा। लोगों ने पुलिस से असामाजिक तत्वों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मौके पर टायर जला कर आक्रोश व्यक्त किया गया। मांग की जा रही है कि ऐसी घटना से मंदिर अपवित्र हो चुका है, इसे तोड़ कर तत्काल नया मंदिर बनाया जाए, वरना विरोध जारी रहेगा। मौके पर दाउदनगर के अनुमंडल पदाधिकारी कुमार ऋषिराज एवं अन्य अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी मौजूद हैं।
दो जुलाई को तीन जगह पर रखा था टुकड़ा
बता दें पूर्व में भी दो जुलाई हसपुरा प्रखंड के अमझरशरीफ पंचायत में तीन जगहों पर खाद्य पदार्थ (जिसे पूजा करते समय लोग नहीं छूते) टुकड़ा रख दिया गया था। अभी यह मामला सुलझता कि इससे पहले 21 जुलाई को भी बाला बिगहा में मांस रख दिया गया था। इसके बाद पुलिसिया कार्यशैली से नाराज लोगों ने लगातार दो दिनों तक हसपुरा बाजार को बंद रख कर पुलिस प्रसासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया था। इसके बाद मामले में अमझरशरीफ के तीन लोगों बदरुद्दीन कुरैशी, मोइज आलम और परवेज आलम को गिरफ्तार भी किया गया था। इसी मामले में तत्कालीन हसपुरा थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद पर भी गिरी थी और अजय शंकर को नया थानाध्यक्ष बनाया गया था।