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Bihar : लालू यादव की बेटी रोहिणी ने अब इस शख्स पर कर दी अमर्यादित टिप्पणी; भाई तेजस्वी पर हमला देख सीमा भूलीं

Sat, 18 Nov 2023 04:53 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Lalu Yadav : छठ पूजा में शुद्ध-सात्विक होने की प्रक्रिया के दौरान भाषा की मर्यादा को लेकर भी लोग बंदिशों का पालन करते हैं, लेकिन राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया के जरिए बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी है।
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प्रशांत किशोर और रोहिणी आचार्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिता से पहचान होती है और जब कोई यह कहे कि कोई शख्स जरूरत के हिसाब से पिता बदल लेता है तो उसे मर्यादित समझना संभव नहीं है। कुछ ऐसी ही बात राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को किडनी दान करने वाली बेटी रोहिणी आचार्या ने कही है। उन्होंने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर को लेकर सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट किया, जो अब वायरल है। यह पोस्ट रोहिणी ने तेजस्वी यादव के अस्तित्व पर प्रशांत किशोर की ओर से उठाए गए सवाल के जवाब में किया है। प्रशांत किशोर, यानी पीके ने कई बार तेजस्वी यादव की पहचान पर सवाल उठाया है, लेकिन रोहिणी की ओर से ऐसा जवाब पहली बार आया है। तेजस्वी का वजूद लालू के कारण है- ऐसा कई बार पीके कह चुके हैं।

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छठ के दौरान ऐसी बातों से परहेज की परंपरा
बिहार में छठ और छठी मइया को मन से मानने वाले लोग इस समय अपशब्दों से बचते हैं। इसलिए अमूमन इस दौरान आपराधिक घटनाएं भी कम हो जाती हैं। इस बीच नहाय खाय के दिन रोहिणी अचार्या की लिखी बातें फिज़ा में घूम रही हैं। इसमें रोहिणी ने प्रशांत किशोर के वजूद पर सवाल उठाया है। प्रशांत लंबे समय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर भी समान रूप से हमलावर रहे हैं। वह जन-सुराज यात्रा के दौरान बिहार से जुड़े कई मुद्दों को उठा चुके हैं।

मूल से जो रोहिणी ने लिखा, उसे शब्दश: पढ़ें
रोहिणी की लिखी बातें - "ये है कौन,इसको कोई पहचानता भी है? ये तो किसी को भी अपना बाबू जी बना ले ताकि उसका राजनीतिक वारिस बन सके। ये जो कह रहा है वो अपना बाप अपनी दुकानदारी एवं अपने फायदे के हिसाब से समय-समय पर बदलते रहता है, कभी मोदी - शाह इसके बाबू जी, कभी पवन वर्मा - नीतीश कुमार इसके बाबू जी, कभी राहुल गाँधी इसके बाबूजी, कभी अभिषेक बनर्जी इसके बाबूजी, कभी जगन रेड्डी इसके बाबूजी तो कभी स्टालिन इसके बाबूजी। अभी फिर से इसने सबसे पहले वालों को अपना बाप बना रखा है सिर्फ नाम नहीं उजागर कर पा रहा है..भाजपा की दलाली करता है इसलिए मीडिया की कृपा दृष्टि इस पर बना रहता है वरना गली का कुत्ता भी इसको भाव ना दे।और चला है तेजस्वी पर कीचड़ उछालने।

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