प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार है, इस सरकार में अफसरशाही हावी है। जहां प्रखंडों में प्रखंड प्रमुख के की अलग पहचान है। किसी भी सरकारी विभाग में बिना पैसा दिए, एक भी काम नहीं होता है।
बिहार विधानसभा के उप चुनाव में जन सुराज से जुड़े सदस्यों की सहमति बनी तो उप चुनाव लड़ना तय है। उक्त बातें शुक्रवार को जन सुराज के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से कहीं। उन्होंने कहा कि आगामी 2 अक्टूबर को जन सुराज राजनैतिक दल के रूप लेने जा रह है। अगर दो अक्टूबर 2024 के बाद बिहार में उप चुनाव हुआ तो जन सुराज से जुड़े साथियों का उप चुनाव लड़ना तय है। वहीं उन्होंने कहा कि दो अक्टूबर से पहले उप चुनाव हुआ तो जन सुराज से जुड़े साथी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरेंगे।
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नीतीश सरकार पर जमकर बरसे
उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार है, इस सरकार में अफसरशाही हावी है। जहां प्रखंडों में प्रखंड प्रमुख के की अलग पहचान है। वहीं आज वैसे जनप्रतिनिधि बीडीओ के पीए बने हुए हैं। किसी भी सरकारी विभाग में बिना पैसा दिए, एक भी काम नहीं होता है। यहां तक की बुजुर्गों को मिलने वाले वृद्धा पेंशन में 20 रुपए और इंदिरा आवास योजना में 30 से 35 हजार अफसरों को नजराना देना पड़ता है। आज बिहार की पहचान व्याप्त भ्रष्टाचार से जाना जा रहा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में अवैध शराब की होम डिलेवरी, अवैध बालू खनन और अनाज माफियाओं का राज्य है। यही कारण है कि बिहार से सबसे अधिक लोगों का पलायन हो रहा है। राज्य सरकार नौकरी के नाम पर लोगों को ठग रही है। आंकड़ों के अनुसार बिहार में महज दो फीसदी ही लोगों को नौकरी मिल सकती है। शेष 98 फीसदी के लोगों को नौकरी या रोजगार मुहैया कैसे कराएंगे। राज्य सरकार बिहार की जनता को सिर्फ ठगने का काम कर रही है।
राजद को बने कार्यकर्ताओं पर नहीं है भरोसा
राजद के कार्यकर्ताओं को जन सुराज से जुड़ने के लिए पैसा देकर जोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव क्या कहना चाहते हैं, वह तो पता नहीं, लेकिन इतना जरूर समझ में आ गया कि तेजस्वी यादव को अपने कार्यकर्ताओं को नहीं समझ पाए। यही कारण है कि आज राजद में भगदड़ मची हुई है। जिसके कारण तेजस्वी यादव परेशान हैं। इससे पूर्व जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर जिले के इमामगंज और बेलागंज विधानसभा क्षेत्र में जन सभा को सम्बोधित किया। प्रशांत किशोर को इमामगंज और बेलागंज विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित सभा से राजद और हम पार्टी के कार्यकताओं में हलचल मच गई है। क्योंकि इमामगंज विधानसभा क्षेत्र और बेलागंज विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव होना है। ऐसे में अचानक प्रशांत किशोर का गया आना और इन दिनों सीटों पर सभा करना। लोगों के बीच एक नया संदेश दे रहे हैं। जहां भी प्रशांत किशोर सभा को संबोधित कर रहे हैं, वहां उनके निशाने पर राजद और एनडीए है। मालूम हो कि लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी गया लोकसभा और जहानाबाद लोकसभा सीट से डा. सुरेंद्र प्रसाद यादव जीते थे। जीतने के बाद दोनों सीट खाली हो गई है। बेलागंज विधानसभा सीट पर राजद तो इमामगंज विधानसभा सीट पर एनडीए की प्रतिष्ठा दांव पर है। क्योंकि बिहार विधानसभा के उपचुनाव दोनों दलों की आगे की रणनीति तय करेगी।