जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर लगातार नीतीश कुमार और सरकार पर हमलावर होते रहते हैं। इस दौरान PK ने एक बार फिर नीतीश कुमार के इस कथन का हिसाब दे दिया है जिसमें उन्होंने यह कहा था कि बिहार में अपराध नहीं हो रहा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में पिछले छह महीने में लोगों के अंदर जो डर था इस महागठबंधन की सरकार में नहीं रहा। बिहार की स्थिति बद से बदत्तर हो गई है। प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले कुछ दिन पहले ही समस्तीपुर में दारोगा की हत्या हो गई थी यह उसका उदाहरण है। प्रशांत किशोर ने कहा कि हाल ही में जब हम लोगों ने जोड़ा था तो पता चला कि इस साल 18 मुखिया की हत्या हुई है और लगभग 7 चुने गए सरपंच मारे गए हैं। बाकी मारपीट, डकैती और अपहरण जैसी आपराधिक घटनाओं का तो हिसाब ही नहीं है।
लोगों में लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने का था डर
समस्तीपुर के पूसा में जन संवाद के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में कुछ और चर्चा हो न हो लॉ एंड ऑर्डर की चर्चा जरूर होती है। प्रशांत किशोर ने कहा कि जब मैंने पदयात्रा शुरू किया था, तब महागठबंधन की सरकार बनी थी। बिहार में उस समय लोग दबी जुबान से आशंका जाहिर कर रहे थे कि महागठबंधन की सरकार बनी है, तो शायद लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ जाए। इसको लेकर लोगों के अंदर डर भी था।
डीजीपी भी PK के कठघरे में
प्रशांत किशोर ने लॉ एंड ऑर्डर के सवाल पर बिहार के डीजीपी आर एस भट्टी को भी कठघरे में खड़ा कर दिया। प्रशांत किशोर के अनुसार डीजीपी आर एस भट्टी ने पदभार संभालते ही अपने विभाग के कर्मियों और पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया था कि आप अगर अपराधियों को बैठने के मौका देंगे तो वह आपको दौड़ाएंगे इसलिए आप अपराधियों को दौड़ाईए। लेकिन मौजूदा स्थिति में जो हालात हैं, ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद लॉ एंड आर्डर सही है।