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Bihar: पद्मश्री गोदावरी दत्त का निधन, एक हफ्ते कोमा में थीं; मधुबनी पेंटिंग को पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका

Wed, 14 Aug 2024 02:36 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

पद्मश्री गोदावरी देवी ने बुधवार दोपहर करीब सवा 12 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से कला जगत में शोक की लहर है। मधुबनी पेंटिंग कला देश और विदेश में पहचान दिलाने बड़ी भूमिका निभाई।
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पद्म श्री गोदावरी दत्त। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मधुबनी पेंटिंग को देश-विदेश में पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाने वाली पद्मी गोदावरी दत्त का निधन हो गया। पिछले एक हफ्ते से वह कोमा में थीं। मधुबनी मेडिकल सेंटर के डॉक्टर ने किडनी खराब बताकर हायर सेंटर रेफर कर दिया था। इसके परिजन उन्हें घर लेकर आ गए। 93 साल उम्र की पद्मश्री गोदावरी देवी ने बुधवार दोपहर करीब सवा 12 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से कला जगत में शोक की लहर है। पद्मश्री गोदावरी दत्त के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने मधुबनी पेंटिंग कला को फर्श और दीवारों से उठाकर देश और विदेशों में पहचान दिलाने बड़ी भूमिका निभाई। वह अक्सर कहती थीं कि आज मैं जो कुछ भी हूं, वह इस कला की बदौलत ही हूं। मधुबनी पेंटिंग कला का ही प्रभाव है, जिसने मुझे बिखरने से बचा लिया। काफी वृद्ध होने के बावजूद वह मधुबनी पेंटिंग बनाती रहीं। 

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50 हजार से ज्यादा लोगों को मधुबनी पेंटिंग सिखाया
बताया जाता है कि पद्मश्री गोदावरी देवी दत्त ने लगभग 50 हजार से ज्यादा लोगों को मधुबनी पेंटिंग सिखाया था। उनकी कला से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी काफी प्रभावित हुई थीं। पद्मश्री गोदावरी देवी दत्त का जन्म 1930 में दरभंगा जिला के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के भगवती स्थान में हुआ था। जब वह काफी छोटी थीं तो उनके पिता का निधन हो गया था। वह अपनी मां सुभद्रा देवी से मिथिला पेंटिंग सीखकर कला की शिक्षा ग्रहण की थी। उन्होंने अपने जीवन में काफी उतार-चढ़ाव देखे। मधुबनी के रांटी गांव में उपेन्द्र दत्त से उनकी शादी हुई। लेकिन कुछ साल बाद ही पति ने उनके सामने ही दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद वह अपनी एकलौती संतान के साथ अपना जीवन व्यवतीत करती रहीं। 

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जिला प्रशासन की ओर से दी गई श्रद्धांजलि। - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री बोले-  कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति
इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधुबनी पेंटिंग की प्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित गोदावरी दत्त के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि मूलरूप से दरभंगा निवासी स्व० गोदावरी दत्त ने मधुबनी पेंटिंग को देश-विदेश में पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। उनके निधन से कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने स्व. गोदावरी दत्त के परिजनों एवं प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

विधानसभा अध्यक्ष बोले- मिथिला पेंटिग को अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाया
बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने मिथिला पेंटिंग की शिल्पगुरु मानी जाने वाली गोदावरी दत्त के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि गोदावरी दत्त ने मिथिला पेंटिग को घर की दीवारों से निकाल कर अंतरराष्ट्रीय पटल पर लेकर आने में उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया । इनकी पेंटिंग जापान के मिथिला म्यूजियम में भी प्रदर्शित की गई है। पद्मश्री पुरस्कार सम्मानित गोदावरी दत्त  की कला पहले व्यक्ति से व्यक्ति को, फिर व्यक्ति को समाज से जोड़ती है। ईश्वर से प्रार्थना है कि मृत आत्मा को चिर शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को असीम धैर्य प्रदान करें।
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