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IPS Officer : रीढ़ में दर्द बता डीआईजी मलमास मेला में घूम रही थीं; डीजी बोलीं- नोटिस भेजा तो मोर्चा खोल रहीं

Wed, 20 Sep 2023 08:39 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar Police : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक बार फिर बिहार पुलिस के पचड़े में पड़ना ही होगा। 'अमर उजाला' से जैसा डीजी शोभा ओहटकर ने बताया, उससे तो यही लग रहा है कि मुख्य सचिव तक बात पहले ही पहुंच चुकी है। अभी तो मुख्य सचिव भी इलाज के लिए बाहर हैं।
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डीजी शोभा ओहटकर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज में सेवारत भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अफसरों के पचड़े में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कूदना ही पड़ेगा। होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज की महानिदेशक (DG) शोभा ओहटकर की बातचीत से तो यही लग रहा है। पिछली बार जब डीजी ओहटकर पर महानिरीक्षक (IG) विकास वैभव ने प्रताड़ना का आरोप लगाकर त्राहिमाम संदेश भोजा था और इसमें ही उप महानिरीक्षक (DIG) बिनोद कुमार के प्रताड़ित होकर बीमार होने की बात आई थी तो दोनों का ट्रांसफर मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद हुआ था। अब बिनोद कुमार की जगह उप महानिरीक्षक (DIG) बनकर आईं अनुसूइया रणसिंह साहू के त्राहिमाम संदेश से मामला गरम है। होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज की डीजी के खिलाफ लिखी चिट्ठी मंगलवार को सबसे पहले 'अमर उजाला' ने सामने लायी थी। अब उनसे इस विषय पर लंबी बातचीत भी। इस बातचीत में उन्होंने उप महानिरीक्षक (DIG) के आरोपों की वजह बताने के क्रम में कहा है कि मुख्य सचिव के मैसेज पर भी वह ड्यूटी पर नहीं आयीं। रीढ़ की हड्डी में दर्द बताकर बेटी के साथ मलमास मेला घूम रही थीं। उसी पर नोटिस गया तो यह चिट्ठीबाजी करने लगीं।

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एक DG जो सीनियर IPS अफसरों को 'बिहारी' कहती हैं

आरोपों पर क्या बोलीं डीजी शोभा ओहटकर
'अमर उजाला' ने होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज के पिछले विवाद को जब सबसे पहले सामने लाया था तो आईजी विकास वैभव और डीआईजी बिनोद कुमार के मामले में बातचीत के कई प्रयास पर भी डीजी शोभा ओहटकर ने बात नहीं की थी। डीआईजी अनुसूइया रणसिंह साहू से विवाद पर उनसे बातचीत का प्रयास किया गया तो उन्होंने सबसे पहले मोबाइल बाहर रखवा दिया और कहा कि कोई रिकॉर्डिंग नहीं करेंगे तो सब बातें साफ-साफ हो सकेंगी। आश्वस्त होने के बाद उन्होने कहा कि डीआईजी अनुसूइया के सारे आरोप आप मनगढ़ंत और गलत हैं। उन्होंने कहा- "डीआईजी अनुसूइया 6 मार्च को ज्वाइन करने के बाद 31 मार्च को छुट्टी लेकर घर चली गई थी। इस बीच वह फरार रही थीं। उन्हें ज्वाइन करने के लिए कई बार पत्र भेजे गए, लेकिन किसी भी पत्र का जवाब नहीं दिया। 31 मार्च को मुझे पटना से बाहर जाना था। फ्लाइट दिन के 1:00 बजे थी। 30 मार्च की देर रात करीब 10:00 बजे के आसपास अनुसूइया ने अप्रूवल के लिए फाइल भेजी थी, जिसे देखने के बाद अप्रूव नहीं कर, रिजेक्ट कर दिया था क्योंकि उसमें अंकित रेट में काफी अंतर था। मैंने दोबारा वेरीफाई करने कहा, लेकिन अनुसूइया का दबाव था कि अप्रूव कर दीजिए। मुझे ऐसा लगा कि वह गलत है तो मैंने उसे रिजेक्ट कर दिया। फिर अगले दिन मैंने क्रय समिति की बैठक बुलाई, जिसमें अनुसूइया भी शामिल हुईं। उसी फाइल पर निर्णय के बाद क्रय समिति के सभी सदस्यों ने हस्ताक्षर किए, लेकिन अनुसूइया ने हस्ताक्षर नहीं किया। इसके बाद वह छुट्टी लेकर घर चली गईं। दोबारा उन्हें ज्वाइन करने के लिए विभाग ने कई बार लेटर भेजा, मगर जवाब नहीं आया। यहां तक कि मुख्य सचिव ने मैसेंजर के माध्यम से अनसूइया को ज्वाइन करने के लिए पत्र भेजा, लेकिन उन्होंने पत्र भी नहीं लिया और मैसेंजर को भी डांटकर भगा दिया।"
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छह महीने से DG ओहटकर की प्रताड़ना सह रही, क्योंकि घोटाला पकड़ा

क्या आरोप लगा रहीं डीजी ओहटकर
'अमर उजाला' से बातचीत में शोभा ओहटकर ने कहा कि 31 जुलाई को इंक्रीमेंट होना था और 30 जुलाई को वेतन धारण किया जाना था, इस वजह से मजबूर होकर वह ऑफिस आईं। उन्होंने कहा- "मेरी जानकारी के मुताबिक अनुसूइया ने बैकबोन में दर्द होने का कारण बताकर छुट्टी ली थी, लेकिन इस बीच नालंदा में हुए मेलमास महोत्सव के दौरान उन्हें अपनी बेटी के साथ उन्हें वहां देखा गया। इस बात की जानकारी विभाग तक पहुंची तो विभाग ने उनको नोटिस किया था। इसी नोटिस के जवाब में मेरे खिलाफ उन्होंने यह मोर्चा खोला है। गलत वह हैं, मैं नहीं। मैंने डीआईजी अनुसूइया रणसिंह साहू के खिलाफ गृह विभाग को सात रिपोर्ट दी है, जबकि विभाग में उनके खिलाफ अब तक 15 रिपोर्ट है। अनुसूइया ने अब तक किसी भी स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया है। असल में अनुसूइया काम नहीं करती हैं। बीमारी का बहाना कर छुट्टी ले ली, फिर फरार चल रही थीं। महिला होने के नाते एक जांच का जिम्मा दिया तो आरोपी की मदद करने लगी और महिला पीड़िता कर्मी के आरोपों को गलत बता दिया। फिर बाद में आईजी को मामले को ट्रू करना पड़ा। खुद फंस रही तो मेरे खिलाफ लिख रहीं। उनपर तो विभागीय कार्रवाई की जा रही है।"

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