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IT Act Bihar : नीतीश कुमार सरकार ने बिहार में आईटी हब बनाने को खोले दरवाजे, मंत्री ने बताए नई नीति के फायदे

Tue, 09 Jan 2024 09:02 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

मंत्री इसराइल मंसूरी ने कहा कि बिहार में आईटी के क्षेत्र में बिहार सरकार करोड़ों रुपए का निवेश कर रही है। बिहार में आइटी की क्रांति आएगी। आज देश ही नहीं विदेशी कंपनी बिहार की ओर देख रही है।
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आईटी पॉलिसी के बारे में बताते मंत्री इसराइल मंसूरी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में आईटी के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए सीएम नीतीश कुमार की सरकार बिहार आईटी नीति 2024 को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना है। सूचना एवम प्रावैधिकी मंत्री इसराइल मंसूरी ने कहा कि बिहार में आईटी के क्षेत्र में बिहार सरकार करोड़ों रुपए का निवेश कर रही है। बिहार में आइटी की क्रांति आएगी। आज देश ही नहीं विदेशी कंपनी बिहार की ओर देख रही है। हमलोग स्टार्टअप पॉलिसी जल्द लाने जा रहे हैं। इसके माध्यम से युवाओं को स्व रोजगार का अवसर मिलेगा। 

 

आईटी मंत्री ने कहा कि बिहार आईटी नीति 2024 सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार द्वारा उद्योग विशेषज्ञों और हितधारकों के सहयोग से तैयार की गई है। यह नीति आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम सेक्टर में निवेश के लिए बिहार को अपने पहले विकल्प के रूप में चुनने के लिए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक वित्तीय पैकेज प्रदान करती है।

 

जानिए आईटी पॉलिसी के बारे में...

आईटी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने कहा कि आईटी पॉलिसी 2024 में निवेशकों को पूंजी निवेश सब्सिडी के अंतर्गत पांच करोड रूपये के न्यूनतम फिक्सड कैपिटल इनवेस्टमेंट पर 30 प्रतिशत एकमुश्त कैपेक्स सपोर्ट मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 30 करोड़ रूपये होगी। स्वीकृत परियोजना पर वार्षिक ब्याज दर में 10% तक की छूट 5 वर्षों तक मिलेगी। 

इसके अलावा आईटी पॉलिसी 2024 में लीज रेंटल सब्सिडी के तहत लीज पर लिए गए कार्यालय अथवा व्यवसायिक स्थल से संचालित होने वाली इकाईयों को वार्षिक लीज किराये की राशि का 50 प्रतिशत 5 वर्षों तक भुगतान की जाएगी। इतना ही नहीं वार्षिक विद्युत विपत्र के 25% राशि की प्रतिपूर्ति पांच साल तक की जाएगी।

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रोजगार सृजन सब्सिडी के तहत मिलेगा यह लाभ

आईटी विभाग के सचिव ने यह भी कहा कि रोजगार सृजन सब्सिडी के तहत नियोक्ता के द्वारा ईपीएफ एवं ईएसआई में जमा की गयी राशि की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति 5 वर्षों तक की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा पांच हजार रुपए प्रति कर्मचारी प्रति माह होगी। इसके अलावा वैसी मेगा इकाईयां जिसमें 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो, अथवा राज्य में कम से कम 1000 प्रत्यक्ष आईटी रोजगार का सृजन कर रही हो, उनके लिए टेलर मेड पैकेज बनाए जाएंगे। यह नीति आईटी क्षेत्र के अलावा विभिन्न उभरते प्रक्षेत्रों जैसे डेटा सेंटर, एनिमेशन, आईटी प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर्स, बिग डेटा एवं एनेलिटिक्स, स्मार्ट टेक्नोलॉजिस, ड्रोन मेन्युफैक्चरिंग इत्यादि को विशेष प्रोत्साहन देने के लिए बनाई गई है।

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