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Bihar : 77 साल से जहां नक्सली लगाते थे जन-अदालत, वहां लगाया जनता दरबार; राजद के नए सांसद अचानक आए चर्चा में

Thu, 18 Jul 2024 12:31 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया

सार

बिहार-झारखंड की सीमा पर डुमरिया प्रखंड अंतर्गत छकरबंधा क्षेत्र पूरी तरह से नक्सल प्रभावित माना जाता है। दिन के उजाले में भी कई बार माओवादियों ने खूनी वारदात को अंजाम देकर सरकारी मशीनरी को काफी नुकसान पहुंचाया है।
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राजद सांसद ने लगाया जनता दरबार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल को लाल इलाके के नाम से जाना जाता है। यहां आए दिन नक्सलियों का तांडव देखने को मिलता है। बड़ी घटनाओं को देखें तो बीते साल 6 दिसंबर को मगरा थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने जेसीबी मशीन को आग के हवाले कर दिया था। वहीं इससे पूर्व डुमरिया प्रखंड के मौनवार गांव में नक्सलियों ने दो महिलाओं समेत चार लोगों की हत्या कर दी थी। चारों को घर के बाहर बने खटाल में फांसी लगाकर लटका दिया था। घर को बम से उड़ा दिया था। इस इलाके में अबतक नक्सलियों की जन-अदालत लगा करती थी, लेकिन 77 साल में पहली बार किसी जन-प्रतनिधि ने यहां पहुंचकर जनता दरबार का कार्यक्रम कर लिया है। राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर पहली बार सांसद चुने गए अभय कुशवाहा का जनता दरबार इस कारण चर्चा में है।

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मतदानकर्मी भी हेलीकॉप्टर से आए-गए
बिहार-झारखंड की सीमा पर डुमरिया प्रखंड अंतर्गत छकरबंधा क्षेत्र पूरी तरह से नक्सल प्रभावित माना जाता है। दिन के उजाले में भी कई बार माओवादियों ने खूनी वारदात को अंजाम देकर सरकारी मशीनरी को काफी नुकसान पहुंचाया है। यह वह क्षेत्र है जहां पुलिस व सुरक्षा बल को भी किसी कार्रवाई को अंजाम देने से पहले काफी प्लानिंग करनी पड़ती है। नक्सलियों के भय के कारण चुनाव के दौरान मतदानकर्मी भी यहां जाने से घबराते हैं। इस बार संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के दौरान जिला प्रशासन द्वारा छकरबंधा स्थित मतदान केंद्र पर मतदान संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बलों और मतदान कर्मियों को हेलिकॉप्टर के जरिए पहुंचाया गया था। मतदान होने के बाद वहां से उन्हें हैलिकॉप्टर के जरिए ही वापस भी लाया गया था।

आजादी के बाद पहली बार पहुंचा कोई सांसद 
क्षेत्र के ग्रामीणों की मानें तो आजादी के बाद यह पहला मौका था, जब कोई सांसद उनके बीच पहुंचा हो। चुनाव के दौरान तो वोट मांगने के लिए लोग उनके बीच में कई बार पहुंचे थे। लेकिन, चुनाव जीतने के बाद पहली बार ऐसा मौका था जब कोई सांसद सीधे उनके बीच पहुंचा था। अपने मताधिकार का उपयोग कर चुने गए सांसद को खुद के बीच देख ग्रामीण भी काफी प्रसन्न थे। सांसद के पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। सांसद ने ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान से सुनने के बाद उसे दूर करने का भी आश्वासन दिया।

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