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School Close : बैकफुट पर केके पाठक, सभी डीएम को लिखा- बंद कर सकते हैं स्कूल; साथ रख दी कटाक्ष वाली रोचक शर्त

Thu, 25 Jan 2024 08:00 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : अपने अधिकार को बचाने के लिए जब पटना के डीएम ने राज्य के मुख्य सचिव को लिखा तो शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक बैकफुट पर आ गए। उन्होंने सभी डीएम को धारा 144 के तहत स्कूल बंद करने से रोक हटा ली है।
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सीएम नीतीश कुमार और सीनियर IAS केके पाठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने धारा 144 लागू करने के जिलाधिकारियों के अधिकार में अतिक्रमण का जो प्रयास किया था, उसमें वह बैकफुट पर आ गए हैं। पटना डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने ठंड को लेकर स्कूल बंद करने के अपने आदेश के खिलाफ शिक्षा विभाग के बार-बार हस्तक्षेप का विरोध करते हुए मुख्य सचिव से समाधान का रास्ता निकालने की अपील की थी। अब केके पाठक ने खुद सभी जिलाधिकारियों को धारा 144 के तहत स्कूल बंद करने में व्यवधान नहीं डालने की बात कही है, लेकिन साथ ही कटाक्ष करते हुए रोचक शर्त भी डाल दी है। ठंड के कारण सभी डीएम पटना के जिलाधिकारी के आदेश के बाद अपनी ओर से अपने जिले के लिए आदेश जारी करते थे। जब पाठक ने इस अधिकार पर आपत्ति जताई तो डर से ज्यादातर ने हथियार डाल दिए थे। स्कूल खुला रखने के कारण बच्चों की मौत और बीमार होने की लगातार खबरों के साथ पटना डीएम के प्रतिकार के बाद पाठक अब बैकफुट पर हैं।

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जानिए क्या लिखा पत्र में 
केके पाठक के द्वारा जारी किए गये पत्र में लिखा है कि भारत मौसम विज्ञान के अनुसार 29 जनवरी तक शीतलहर रहने की संभावना है। इसके आलोक में सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया जाता है कि 29 जनवरी तक विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के आने जाने के समय में संशोधन कर सकते हैं किंतु कक्षा 9 से 12 की पढ़ाई का समय और बोर्ड की तैयारी बाधित नहीं होगी। साथ ही सभी शिक्षक पूर्व की भांति अपने तय अवधि तक विद्यालय में उपस्थित रहेंगे और प्रशासनिक कार्य जैसे डीबीटी, जीर्णोद्धार, फर्नीचर क्रय इत्यादि का निष्पादन करेंगे एवं विभाग द्वारा तय अवधि तक विद्यालय में बने रहेंगे।

जानिए क्या कहा धारा 144 सीआरपीसी के संबंध में 
पत्र में आगे लिखा कि पिछले कई वर्षों से धारा 144 सीआरपीसी के तहत जिला पदाधिकारी शीतलहर अथवा कारणों से विद्यालयों को बंद करते रहे हैं। इस चलन का विभाग द्वारा पिछले वर्षों में भी विरोध किया जाता रहा है। इसी क्रम में 20 जनवरी को जारी किए गये पत्र में स्पष्ट कर दिया गया कि विभाग द्वारा 144 सीआरपीसी कर विद्यालय बंद करने की प्रवृत्ति समर्थ नहीं करता है। इसलिए अनुरोध है कि बात-बात पर धारा 144 सीआरपीसी के द्वारा विद्यालयों के कामकाज को नियंत्रित नहीं किया सकता है। फिर भी यदि आप समझते हैं कि धारा 144 सीआरपीसी के तहत विद्यालय के कामकाज में हस्तक्षेप कर सकते हैं, तो भविष्य में विभाग आपसे यह भी आशा करता है कि जब मौसम सामान्य हो जाए तो, आप इस धारा के तहत आने वाले महीनों में, अपनी इस महान और असीमित शक्ति का प्रयोग करते हुए विद्यालयों में छात्रों की सौ प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराएं।

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