बापू टावर का आज है उद्घाटन।
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सात एकड़ में फैला है बापू टावर
बापू टावर मुख्य रूप से 7 एकड़ में फैला हुआ है। एक एकड़ में यह टावर है, जबकि 6 एकड़ में इसका कैंपस है। इस कैंपस में पार्किंग की पूरी व्यवस्था है। पार्किंग के लिए बनाए गए जगह में एक बार में 135 से 150 दो पहिया वाहन, 60 से 70 कार और 6 बस लगने की जगह है। इस कैंपस में आने के लिए दो गेट बनाए गए हैं। कार और गाड़ी आने के लिए अलग गेट है, जबकि पैदल आने के लिए दूसरा गेट। कैंपस में प्रवेश करते ही एक टिकट काउंटर बनाया गया है, जहां पर अंदर घुमने के लिए टिकट के रूप में एक न्यूनतम राशि निर्धारित की गई है। दिव्यांगों के लिए एक अलग व्यवस्था की गई है।
अवलोकन करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।
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बापू के प्रेरणादायक तस्वीरों से लोग ले सकेंगे प्रेरणा
बापू टावर मुख्य रूप से दो हिस्सों में बंटा हुआ है। एक हिस्सा आयताकार है, जबकि दूसरा हिस्सा गोलाकार।आयताकार हिस्से में तीन एग्जिबिशन गैलरी, ऑडिटोरियम, वेटिंग रूम, दुकान और कैंटीन हैं। नीचे से ऊपर जाने के लिए चार लिफ्ट बनाए गए हैं। दिव्यांगों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है।गोलाकार भवन 120 फीट ऊंचा है, जिसमें ऊपर जाने के लिए पांच रैंप बनाए गए हैं। यह भवन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस भवन में महात्मा गांधी से जुड़ी सारी जानकारियों को प्रदर्शित किया गया है। चाहे वह माध्यम तस्वीर की हो या स्टैचू की। दीवार पर महात्मा गांधी से जुड़ी कई तस्वीरें भी उनके प्रेरणादायक चरित्र का बयान करती दिख रही हैं।उसे देखने के बाद लोग प्रेरणा ले सकेंगे। इसके अलावा कट आउट भी है। सबसे अच्छी और खूबसूरत चीज यह है कि इसमें स्क्रीन प्रोजेक्टर भी लगा हुआ है, जो महात्मा गांधी से जुड़ी हर उन बातों की जानकारी देता रहेगा। इसमें 60 व्यक्तियों की क्षमता वाले ऑडिटेंशन हॉल भी बनाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महात्मा गांधी के 150 वें जयंती पर बापू टावर के रूप में बिहार वासियों के लिए एक बड़ी सौगात देने जा रहे हैं।