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Election 2024 : राहुल गांधी ने किसानों के लिए किया बड़ा एलान, बोले- हम जीते तो न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी

Fri, 16 Feb 2024 03:18 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना / रोहतास

सार

Bihar : किसानों के फसल की उपज की दाम अच्छी नहीं मिल रही है लेकिन इंडिया की सरकार बनी तो एमएसपी गारंटी दी जाएगी। किसानों की जमीन छीनी जा रही है, लेकिन मुआवजा नहीं दी जा रही है। लोग अपने मन की बात करते हैं, लेकिन आम जनता की बात नहीं सुनते हैं। 
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सासाराम में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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जाति जनगणना और आर्थिक जनगणना के बाद अब राहुल गांधी को एमएसपी की याद एक बार फिर आई है। उन्होंने 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के तहत बिहार के रोहतास में किसानों की एक सभा 'किसान न्याय पंचायत' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसलों के लिए लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के फसल की उपज की दाम अच्छी नहीं मिल रही है लेकिन इंडिया की सरकार बनी तो एमएसपी गारंटी दी जाएगी। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि किसानों की जमीन छीनी जा रही है लेकिन मुआवजा नहीं दी जा रही है। लोग अपने मन की बात करते हैं लेकिन आम जनता की बात नहीं सुनते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि किसानों को उनकी फसलों के लिए लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है। अगर आम चुनाव के बाद i.n.d.i.a सत्ता में आती है, तो हम एमएसपी को कानूनी गारंटी देंगे। जब भी किसानों ने कांग्रेस से कुछ मांगा है, तो उन्हें दिया गया है। चाहे ऋण माफी हो या एमएसपी, हमेशा रक्षा की है। राहुल गांधी ने कहा कि किसानों के हितों के लिए और भविष्य में भी ऐसा करेंगे।

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आन्दोलनकारियों को रोका 
पंजाब के किसानों ने मंगलवार को अपना 'दिल्ली चलो' मार्च शुरू किया, लेकिन दिल्ली और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारी किसान तब से सीमा बिंदुओं पर डेरा डाले हुए हैं। उनका आंदोलन शुक्रवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया।

केंद्र सरकार उद्योगपति को दे रही फायदा 
कांग्रेस सांसद ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की भी आलोचना की और उस पर रक्षा बजट के धन का एक बड़ा हिस्सा एक उद्योगपति की जेब में स्थानांतरित करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि, केंद्र का रक्षा बजट जवानों के कल्याण के लिए नहीं है और सभी रक्षा अनुबंध केवल एक कॉर्पोरेट समूह को जा रहे हैं।

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