हड़ताल पर मेडिकल के छात्र
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ट्रेनी डॉक्टर की हुई थी हत्या
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 8 अगस्त की देर रात ट्रेनी डॉक्टर की अर्धनग्न लाश मिली थी। पुलिस का कहना है कि ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप के बाद उसकी हत्या की गई। प्राइवेट पार्ट, आंख और मुंह से खून बह रहा था। उसकी गर्दन की हड्डी भी टूटी हुई पाई गई थी। मामला प्रकाश में आने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ चौतरफा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। मेडिकल के छात्र छात्राओं के साथ देश भर के डॉक्टरों ने भी इस घटना का विरोध करना शुरू कर दिया है। वेलोग दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के तहत सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
डीएमसीएच दरभंगा का ओपीडी।
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डीएमसीएच में भी ओपीडी सेवा ठप
कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ हुए दरिंदगी के विरोध में डीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर एसोशिएशन ने भी ओपीडी सेवा को पूरी तरीके बंद कर दिया है। ओपीडी बंद होने से यहां इलाज कराने दूर दूर से आने वाले मरीजों और परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डीएमसीएच के सेंट्रल ओपीडी के अलावा गायनी ओपीडी में सुबह से ही बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे थे। लेकिन हड़ताल के कारण या तो उन्हें लौटना पड़ा या फिर निजी क्लीनिकों में जाकर इलाज कराना पड़ा। जूनियर डॉक्टरों ने वहां पहुंच कर जबरन रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद करा दिया। रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद होने पर इलाज के लिए दूर- दूर से आए मरीज प्रेषण होने लगे, लेकिन जबरन हडताल करवा रहे मेडिकल के छात्रो पर कोई असर नहीं हुआ। फिर उन छात्रों ने गायनी विभाग पहुंचकर वहां भी रजिस्ट्रेशन ठप करा दिया। डीएमसीएच की अधीक्षक हड़ताल की सूचना मिलते ही डॉ. अलका झा ओपीडी पहुंचीं। जिन मरीजों का रजिस्ट्रेशन तब तक हो चुका था, उन्हें इमरजेंसी ओपीडी जाने को कहा गया। लेकिन देखते-देखते इमरजेंसी ओपीडी के सामने मरीजों की कतार लग गई। कुछ मरीज वहां डॉक्टरों की सलाह ले सके, बाकी को वहां से बिना इलाज कराए लौटना पड़ा।