प्रधानाध्यापिका जयंती सिंह गोतिया के घर से अपने घर वापस लौट रही थी, तभी गली में पहले से घात लगा कर बैठे अपराधियों द्वारा गोली मार दी गई। इस कारण प्रधानाध्यापिका की मौके पर ही मौत हो गई।
कैमूर में दिनदहाड़े प्रधानाध्यापिका का हत्या कर दी गई। वह अपने घर लौट रही थीं, इसी दौरान अपराधियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पहले से घात लगाए हुए थे अपराधी
घटना रामगढ़ थाना क्षेत्र का है। मृत प्रधानाध्यापिका की पहचान योगेंद्र सिंह की पत्नी जयंती सिंह के रूप में हुई है। वह रामगढ़ थाना क्षेत्र के लक्षनपूरा की निवासी थीं। बताया जा रहा है कि प्रधानाध्यापिका जयंती सिंह गोतिया के घर से अपने घर वापस लौट रही थी, तभी गली में पहले से घात लगा कर बैठे अपराधियों द्वारा गोली मार दी गई। इस कारण प्रधानाध्यापिका की मौके पर ही मौत हो गई। जयंती सिंह रामगढ़ थाना क्षेत्र के लक्षनपुरा के बलुआ गांव में स्थित विद्यालय में प्रधानाध्यापिका थीं।
पारिवारिक विवाद में हत्या की बात
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया पारिवारिक विवाद में हत्या की बात सामने आ रहे हैं। अपराधियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। वहीं भभुआ सदर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराने जयंती सिंह के पति योगेंद्र सिंह ने बताया कि मेरे भतीजा ने ही गोली मारकर हत्या की है। मैने सभी जानकारी सबूत के साथ रामगढ़ थाना को दे दिया है। जिला प्रशासन से मांग करता हूं कि हत्यारे को गिरफ्तार कर कठोर से कठोर सजा दिलवाई जाए।