मारपीट और बीच-बचाव करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
इस वजह से हुई सुरक्षाकर्मियों ने की पिटाई
घटना के संबंध में पीड़ित कर्मचारी परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि वह पोस्टमार्टम लिखवाने अत्यंत परीक्षण रजिस्टर को लेकर बाहर जा रहे थे। जब वह इमरजेंसी के गेट पर पहुंचे. तभी सदर सदर अस्पताल में कार्यरत फिजियोथैरेपी चिकित्सक डॉ.विजय मिश्रा बाइक से इमरजेंसी वार्ड के पोर्टिको के पास पहुंचे और अपनी बाइक को पार्क करने लगे। तभी वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उनसे दुर्व्यवहार करते हुए अपनी बाइक को हटाने के लिए कहा गया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा चिकित्सक से दुर्व्यवहार करते देख जब चतुर्थवर्गीय कर्मचारी परमेश्वर प्रसाद ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो सुरक्षाकर्मियों ने उनसे पूछा कि तुम कौन हो? जवाब में परमेश्वर प्रसाद ने कहा कि मैं यहां का स्वास्थ्यकर्मी हूं। इसके बाद भी सुरक्षाकर्मी उनके साथ मारपीट पर उतारू हो गए। एक साथ 10 -12 की संख्या में गार्ड एकत्रित हो गए और लाठी-डंडे से मारपीट करते हुए उन्हें घायल कर दिया। वही घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने इमरजेंसी छोड़ ओपीडी एवं सभी विभागों के कार्यों का वहिष्कार कर दिया।
आरोपी सुरक्षाकर्मी पर होगी कार्रवाई
घटना के संबंध में सदर अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. प्रतीक का कहना है कि सदर अस्पताल में जो गार्ड की नई सुरक्षा एजेंसी आई है, उनके द्वारा गैरजिम्मेदार रवैया देखा गया है। वीडियो क्लिप को देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि जब हमारे अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी पोस्टमार्टम लिखवाने के लिए डॉक्टर के पास जा रहे थे, तभी सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर विजय मिश्रा से बाइक पार्क करने को लेकर उनके बीच तू-तू-मैं-में हुई। जिसके बाद उनके द्वारा उन पर प्रहार कर दिया गया और उनकी पिटाई भी की गई। इसे लेकर हम लोग सुरक्षा एजेंसी के सुपरवाइजर और इंचार्ज को भी बुलाएंगे और उनसे बात करेंगे। मामला गंभीर और जांच का विषय है। इसकी जांच की जाएगी। इसके अलावा इस मामले में आरोपी सुरक्षाकर्मी पर कार्रवाई भी की जाएगी।