जिला प्रशासन कर रही व्यवस्था
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इन काॅलेजों और स्कूलों में है तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था
देश-दुनिया से आने वाले पिंडदानियों को आवासन की बेहतर व्यवस्था देने के लिए जिला प्रशासन ने गया शहर के 33 स्कूलों और कालेजों को चिन्हित किया है। इन सभी स्कूलों और कालेजों में तीर्थयात्रियों के लिए आवासन की व्यवस्था की गई है। इस संबंध में गया के डीएम डा. त्याग राजन एसएम ने बताया कि पितृपक्ष मेला के दौरान आने वाले तीर्थयात्रियों ने अगर ठहरने की व्यवस्था नहीं किया है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। टेंट सिटी के निर्माण के साथ-साथ 33 स्कूलों और कालेजों में आवासन की व्यवस्था की गई है, जहां तीर्थयात्रियों को कोई भी शुल्क नही लगेगा। उन्होंने बताया पितृपक्ष मेला मे आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मगध विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन में तीर्थयात्रियों के लिए आवासन की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार गया काॅलेज मानविकी भवन, सोनू लाल वर्णवाल बालिका प्रोजेक्ट विधालय, राजकीय पालीटेक्निक कालेज, महावीर इंटर विधालय, मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय, गुरुनानक मध्य विद्यालय, अनुग्रह कन्या उच्च विद्यालय, प्लस टू जिला स्कूल, मध्य विद्यालय भगवानपुर, बोधगया, कन्या मध्य विद्यालय रमना, गौरी कन्या मध्य विद्यालय मानपुर, राजकीय मध्य विद्यालय घुघरीटांड़, प्रोजेक्ट कन्या मध्य विद्यालय बोधगया, निगमा मोनेस्ट्री बोधगया और मध्य विद्यालय कोशडिहरा समेत 33 स्कूलों और कॉलेजों में तीर्थयात्रियों के लिए आवासन की व्यवस्था की गई है।
आवासन स्थल पर यह भी रहेगी व्यवस्था
वहीं डीएम ने बताया कि पिंडदानियों के लिए गया शहर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में आवासन की व्यवस्था की गई है। उन सभी स्थलों पर बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सफाई और सुरक्षा के साथ-साथ सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहेगी। हालांकि जिला प्रशासन के साथ-साथ रेल प्रशासन ने भी गया जंक्शन पर तीर्थयात्रियों को ठहरने के लिए पिलग्रीज्म भवन में वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है।