बीपीएससी शिक्षक भर्ती का पहला नियुक्ति पत्र पूनम कुमारी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया।
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पटना के गांधी मैदान में मुख्य कार्यक्रम, बाकी 35 जिलों में
तेजस्वी यादव जापान के दौरे से पटना लौटने के बाद गुरुवार को सीएम के निकलने के बाद भारतीय कॉम्युनिस्ट पार्टी के कार्यक्रम में शिरकत की। बिहार लोक सेवा आयोग की लिखित परीक्षा के द्वारा 1 लाख 20 हजार 336 शिक्षकों का चयन किया गया है, जिसमें चुने हुए 25 हजार शिक्षकों को पटना के गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है। शेष को अन्य जिलों में प्रभारी मंत्री दे रहे हैं। गांधी मैदान के इस कार्यक्रम से ऑनलाइन 35 जिले जुड़े हुए हैं, जहां प्रभारी मंत्री मौजूद हैं।
इस मौके पर वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसी गांधी मैदान से दस लाख नौकरी देने की थी, उसी का एक अंश आज पूरा किया जा रहा है।
गांधी मैदान में जुटे शिक्षक और शिक्षिकाएं
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बिहार के युवाओं के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार 01 लाख 70 हजार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए BPSC के द्वारा परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 8 लाख युवाओं ने भाग लिया था। BPSC के माध्यम से आयोजित होने वाली परीक्षाओं में पूरे देश के लोगों को शामिल होने का मौका मिलता है। पूरा देश एक है और बिहार इससे बाहर नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार भी देश का एक अहम हिस्सा है। बिहार के बच्चों को भी दूसरे राज्यों की बहाली में शामिल होकर सेवा करने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि आज कल कुछ लोग कह रहे हैं कि बाहर के लोगों को क्यों मौका दिया गया, उन्हें सोचना चाहिए कि बिहार के भी लोग दूसरे राज्यों में जाकर नौकरी कर रहे हैं। बिहार के युवाओं के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है। इन 1,20,336 नवनियुक्त शिक्षकों में 88 प्रतिशत शिक्षक बिहार के ही नियुक्त हुए हैं, जबकि दूसरे राज्यों से 12 प्रतिशत शिक्षक नियुक्त हुए हैं। इनमें केरल, कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, असम और झारखंड यानी कुल 14 राज्यों से लोग बिहार में शिक्षक नियुक्त हुए हैं।