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Chitragupt Puja: सिर्फ कायस्थ ही नहीं, आपको भी करनी चाहिए चित्रगुप्त पूजा अगर...; जानें क्यों कह रहे पंडित ऐसा

Tue, 14 Nov 2023 11:10 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : चित्रगुप्त पूजा और भाईदूज बुधवार को है। भाईदूज को बिहार में गोधन भी कहते हैं, लेकिन यह गोवर्धन पूजा से अलग है। पंडितों के अनुसार चित्रगुप्त पूजा कायस्थ कुल की पूजा है, लेकिन कलम से आजीविका चलाने वालों को इस दिन यह पूजा जरूर करनी चाहिए।
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Chitragupta
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विस्तार
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कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया बुधवार को है। गोवर्धन पूजा में प्रतिपदा, यानी पहली तिथि को लेकर संशय था लेकिन द्वितीय तिथि की पूजा पर कोई ऊहापोह नहीं। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज होगा। भगवान चित्रगुप्त कायस्थों के जन्मदाता हैं, लेकिन पंडितों का कहना है कि लेखनी विद्या से आजीविका चलाने वाले सभी लोगों को यह पूजा जरूर करनी चाहिए। बिहार में बुधवार को इस अवसर पर सबसे बड़ा सामाजिक समारोह होगा, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हर बार की तरह रहेंगे। इस कार्यक्रम में हर जाति, यहां तक कि दूसरे धर्म के लोग भी पहुंचते रहे हैं।

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दीपोत्सव की कड़ी का अंतिम पर्व
कर्मकांड विशेषज्ञ पंडितों के अनुसार भाईदूज और चित्रगुप्त पूजा दीपोत्सव की कड़ी का अंतिम पर्व है। इसके बाद बिहार में लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी शुरू हो जाएगी। भाईदूज सनातन हिंदू धर्म की कई जातियों में स्त्रियां करती हैं। अविवाहित लड़की-युवती हो या विवाहित महिलाएं, सभी भाईदूज करेंगी। कायस्थ जाति की विवाहित महिलाएं परंपरा के अनुसार चाहेंगी कि उनका भाई उनकी ससुराल में आकर भगवान चित्रगुप्त की पूजा करे और भाईदूज के बाद प्रसाद के साथ उनके हाथों का बना भोजन करे। पंडित शशिकांत मिश्र बताते हैं कि "कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया को दोनों ही त्योहार हैं। जाति से पंडित होने के बावजूद हमारे घर में भाईदूज के साथ भगवान चित्रगुप्त की भी पूजा होती है, क्योंकि हम कलमजीवी भी हैं। जो भी कलमजीवी हैं, उन्हें भगवान चित्रगुप्त की पूजा जरूर करनी चाहिए। लेखकों को अक्षर प्रदान करने वाले भगवान चित्रगुप्त की पूजा बिहार में कायस्थों के अलावा ब्राह्मण, भूमिहार तो कर ही रहे हैं, बाकी जातियों में भी अब चेतना जागी है।"



यूपीएससी टॉपर इशिता के नाना संरक्षक थे
संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 पर रहीं इशिता किशोर के नानाजी स्वर्गीय बनवीर प्रसाद गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी चित्रगुप्त पूजा समिति के संरक्षक और गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी वासंती दुर्गापूजा समिति के प्रथम अध्यक्ष थे। इसी गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में राज्य का सबसे बड़ा सामाजिक आयोजन हर चित्रगुप्त पूजा पर होता है। गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी प्रबंधन न्यास समिति के अध्यक्ष और पूर्व विधान पार्षद प्रो. रणवीर नंदन बताते हैं कि "चित्रगुप्त पूजा पर हर साल कायस्थ समाज का तो सबसे बड़ा जमावड़ा यहां लगता ही है, बाकी जातियों के लोग भी सबसे ज्यादा इसी आयोजन में शरीक होते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत तमाम प्रमुख राजनेता, भले वह किसी दल या जाति के हों- आते हैं। इस बार समाज में रक्तदान के महत्व का संदेश देने के लिए यहां रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है।"

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