Bihar Health Department : सरकार के दावे हैं कि सरकारी अस्पतालों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं लेकिन शहर में झोला छाप चिकित्सकों के दुकानों पर न तो प्रशासन का लगाम है और न ही बिहार स्वास्थ्य समिति का, लिहाजा प्रसूता महिलाओं की जान जा रही है।
गया में झोलाछाप चिकित्सकों के कारण फिर एक प्रसूता की मौत हो गई। मामला डेल्हा थाना क्षेत्र के छोटकी नवादा मोहल्ले की है। मृतका मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के पांच नंबर गेट बेलाही गांव निवासी रंजन कुमार की पत्नी शोभा देवी (26) थी। परिजनों का कहना है कि शोभा देवी को बीते 21 अक्टूबर को छोटकी नवादा गांधी चौक स्थित डॉ.आर. दास के क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। गुरुवार की देर रात उक्त झोलाछाप चिकित्सक ने प्रसूता का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक की लापरवाही के कारण प्रसूता की ऑपरेशन टेबल पर ही मौत हो गई।
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परिजनों ने किया हंगामा
महिला की मौत के बाद परिजनों ने सुबह में उक्त झोलाछाप चिकित्सक के क्लीनिक के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि झोलाछाप चिकित्सक की लापरवाही के कारण महिला की जान गई है। हंगामा की सूचना मिलने पर डेल्हा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच कर किसी तरह हंगामे को शांत कराया। उसके बाद छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है
तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
घटना के संबंध में सिविल सर्जन डॉ रंजन कुमार सिंह ने बताया कि डेल्हा थाना क्षेत्र के छोटकी नवादा मोहल्ले में स्थित एक नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत की सूचना मिली है। सूचना के आधार पर जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि गया जिले में कुल 171 प्राइवेट नर्सिंग होम हैं। नियमानुसार मात्र 50 ही ऐसे नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं, जिनके पास लाईसेंस है। उन्होंने बताया कि अन्य नर्सिंग होम के पास लाईसेंस नहीं है।