जम्मू और कश्मीर के राजौरी में हुए आतंकी हमले में चार जवान शहीद हुए हैं। इन जवानों में नवादा के वारसलीगंज थाना क्षेत्र स्थित नारोमुरार गांव निवासी मौलेश्वर सिंह के बेटे चंदन भी शहीद हुए हैं। चंदन के शहीद होने की खबर सुनते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
जानकारी के मुताबिक, घात लगाकर बैठे आतंकियों ने सेना की दो गाड़ियों पर हमला कर दिया। सभी आतंकी भारी हथियारों से लैस थे। लोगों का कहना है कि 21 दिसंबर की दोपहर लगभग तीन बजकर 45 मिनट पर ऑपरेशन साइट पर सेना के दो वाहन पहुंचे, जिन पर आतंकियों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद सेना की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। इस दौरान सेना के चार जवान शहीद हो गए, जबकि तीन घायल हो गए।
गौरतलब है कि मौलेश्वर सिंह के बेटे चंदन कुमार 2017 में सेना में भर्ती हुए थे। इसके बाद पूरे परिवार में काफी खुशी का माहौल था। 2022 में चंदन का विवाह हिंदू रीति-रिवाज के साथ काफी धूमधाम से किया गया था। विवाह के एक साल बाद ही चंदन शहीद हो गए। शहीद चंदन कुमार छठ पूजा में अपने घर आए थे और छठ खत्म होते ही ड्यूटी के लिए रवाना हो गए थे। 26 साल के शहीद जवान की खबर सुनते ही पूरे इलाके में मातम छा गया है।
परिजनों ने बताया कि चंदन कुमार, 89 आर्म्ड रेजिमेंट के जवान थे। वे देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए हैं। नारोमुरार गांव के मौलेश्वर सिंह और जयंती देवी के तीन बच्चों में चंदन कुमार दूसरे नंबर पर थे। इनके पिता गांव में ही खेतीबाड़ी करते हैं। जवान की प्राथमिक शिक्षा गांव में ही हुई थी। शहीदों में चंदन के शामिल होने की सूचना देर से मिली, जिसके बाद पूरे गांव में मातम छा गया।