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BJP News : बिहार की 14 प्रतिशत आबादी भाजपा का लक्ष्य; जो नित्यानंद नहीं कर सके, मोहन यादव के आने से होगा?

Wed, 10 Jan 2024 11:45 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 18 जनवरी को पटना आ रहे हैं। कार्यक्रम भाजपा का नहीं, लेकिन तैयारी पार्टी की ही है। जातीय जनगणना में सबसे बड़ी आबादी वाली जाति भाजपा का लक्ष्य है।
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सीएम मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 में से 39 सीटों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर भाजपा ने जीत दर्ज की। जनता दल यू का साथ था। इस समय जदयू भाजपा के सामने है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट जातीय जनगणना की रिपोर्ट में सामने आ चुकी है कि राज्य में 14.26% आबादी यादवों की है। अब जब चुनाव सामने है तो निश्चित तौर पर सबसे बड़ी आबादी का साथ भाजपा के बिहार में विकास के लिए जरूरी है। मध्य प्रदेश में जब डॉक्टर मोहन यादव को मुख्यमंत्री की कमान दी गई, तभी या मान लिया गया कि भाजपा का निशाना बिहार है। अब मोहन यादव को पटना बुलाया गया है। बुलाया भाजपा ने नहीं, लेकिन तैयारी पार्टी की ही है। मोहन यादव के सीएम बनने पर राजद ने उन्हें लालू के सामने कुछ भी नहीं माना था, लेकिन अब उनके पटना आने की बात से लाल के माई समीकरण की चर्चा चरम पर है।

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भाजपा मिशन 'वाई' (यादव) लॉन्च करने जा रही है
राजनीतिक पंडितों की मानें तो 14.26 फीसदी आबादी वाले राज्य में भाजपा मिशन 'वाई' (यादव) लॉन्च करने जा रही है। बिहार भाजपा की पूरी टीम इसकी तैयारी में जुट गई। हालांकि, भाजपा के वरीय नेताओं की ओर से श्रीकृष्ण चेतना मंच के बैनर तले एसके मेमोरियल हॉल में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यहां पर एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन किया गया जाएगा। इसमें  समाज के कई बड़े नेता, रिटायर्ड अधिकारी सम्मिलित होन वाले हैं। इस कार्यक्रम के बाद डॉ. मोहन यादव  भाजपा कार्यालय और इस्कॉन मंदिर भी जाएंगे।

यादव वोटबैंक में आज भी लालू की पकड़ मजबूत
वोटबैंक की बात करें तो आज भी यादवों को राष्ट्रीय जनता दल का कोर वोटर माना जाता है। 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में जिस तरह से राजद बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, उससे यह साफ हो गया कि भले ही भाजपा नंदकिशोर यादव, नित्यानंद राय और रामकृपाल यादव जैसे बड़े नेताओं को आगे बढ़ाए गए। नित्यानंद राय को मोदी सरकार में मंत्री भी बनाया गया। लेकिन, यादव वोटबैंक पर लालू प्रसाद की अलग ही पकड़ है। विशेषज्ञ बताते हैं कि राजद की सरकार में यादव जाति को काफी लाभ मिला। लालू प्रसाद के शासन के वक्त यादव जाति आगे भी आई। इनकी आर्थिक और राजनीतिक हालत में सुधार हुई। इस कारण आज भी बिहार में यादव राजद के साथ हैं। एमपी में मोहन यादव जब सीएम बनाए गए तो बिहार की मीडिया ने तेज प्रताप याव से सवाल पूछा था, तब उन्होंने कहा था कि यादव भगवान कृष्ण के वंशज हैं। यादव को सम्मान मिलना अच्छी बात है। हालांकि, राजद विधायक ने कहा कि मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने से बिहार में कोई असर नहीं पड़ेगा। राजद नेताओं ने दावा कि बिहार में आज भी लालू प्रसाद यादवों के सर्वमान्य हैं।
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लोकसभा और विधानसभा चुनाव को अलग-अलग चश्में से देखा जाता
बिहार में लोकसभा और विधानसभा चुनाव को अलग-अलग चश्में से देखा जाता है। जैसे 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को 39 सीटों पर जीत मिली थी। तब नीतीश कुमार की जदयू भाजपा के साथ थी। वहीं राजद को महज एक सीट पर जीत मिली। इसके ठीक करीब एक साल बाद विधानसभा चुनाव में राजद को 75 सीट मिली। वहीं भाजपा को 74 सीट। कुछ माह बाद एआईएमआईएम के चार विधायक राजद में चले गए। इस तरह राजद के कुल 79 विधायक हो गए। विशेषज्ञ कहते हैं यह आने वाला वक्त बताएगा कि लोकसभा चुनाव में यादव वोटबैंक किस ओर झुकेगा।

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