महिला भी जाली कारोबार में थी शामिल।
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कागज, प्रिंट और बाजार तक पहुंचने की हो रही कोशिश
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बाढ़ अनुमंडल के डीएसपी अभिषेक सिंह का कहना कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि रुकनपुरा गांव में एक दुकान में नकली नोट छापने का कारोबार चल रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस बल के साथ उस दुकान की घेराबंदी की। जांच के दौरान यह पाया गया कि दुकान के अंदर एक मशीन रखा हुआ है, जिससे ₹500 के नकली नोट छापे जा रहे हैं। इतना ही नहीं सरकारी स्तर पर कई ऐसे कागजात छापी जा रहे हैं जो मुख्यमंत्री, न्यायालय, अंचल से संबंधित है। पुलिस ने मौके से संतोष कुमार और एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला प्रभात कुमार की पत्नी बताई जा रही है। पुलिस का यह मानना है कि इस गिरोह में प्रभात कुमार मुख्य सरगना है, जो संतोष एवं सोनू के साथ मिलकर नकली नोट और जाली कागजात छापने का काम किया करता है। पुलिस ने दुकान से प्रिंट किए हुए और अर्ध निर्मित प्रिंट किए हुए लगभग 10 लाख रुपए के 500 के नोट बरामद कर किये हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि जिस कागज पर नोट को प्रिंट किया जाता है वह कागज और पेंट यह लोग कहां से मंगवाते थे और इस गिरोह में कौन-कौन लोग शामिल हैं, जो छपे हुए नोट और कागजातों को बाजार में बेचने का काम किया करते थे।