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Bihar News : पटना में नकली नोट के जखीरा के साथ दो कारोबारी गिरफ्तार, कई नकली सरकारी दस्तावेज भी बरामद

Wed, 04 Sep 2024 06:43 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : दुकान के आड़ में कुछ लोग नकली नोट के साथ  कई नकली  सरकारी दस्तावेज छापने का काम करते थे। इस कारोबार में संलिप्त एक महिला समेत दो लोग गिरफ्तार हुए हैं। अन्य कारोबारियों की तलाश की जा रही है। 
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जाली नोट और नकली सरकारी दस्तावेज। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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पटना पुलिस ने जाली नोट, स्टांप पेपर, न्यायालय और सरकारी दस्तावेजों के साथ दबोचा है। पुलिस ने यह कार्रवाई जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर सालिमपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रुकनपुरा गांव की है। उन आरोपियों के पास से 10 लाख रुपए के नकली नोट, मुख्यमंत्री सचिवालय लोगो लगा स्टांप पेपर, न्यायालय, अंचलाधिकारी कार्यालय के साथ-साथ कई अन्य नकली कागजात बरामद हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है, जबकि इस गैंग के दो सदस्य मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

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महिला भी जाली कारोबार में थी शामिल। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
कागज, प्रिंट और बाजार तक पहुंचने की हो रही कोशिश 
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बाढ़ अनुमंडल के डीएसपी अभिषेक सिंह का कहना कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि रुकनपुरा गांव में एक दुकान में नकली नोट छापने का कारोबार चल रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस बल के साथ उस दुकान की घेराबंदी की। जांच के दौरान यह पाया गया कि दुकान के अंदर एक मशीन रखा हुआ है, जिससे ₹500 के नकली नोट छापे जा रहे हैं। इतना ही नहीं सरकारी स्तर पर कई ऐसे कागजात छापी जा रहे हैं जो मुख्यमंत्री, न्यायालय, अंचल से संबंधित है। पुलिस ने मौके से संतोष कुमार और एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला प्रभात कुमार की पत्नी बताई जा रही है। पुलिस का यह मानना है कि इस गिरोह में प्रभात कुमार मुख्य सरगना है, जो संतोष एवं सोनू के साथ मिलकर नकली नोट और जाली कागजात छापने का काम किया करता है। पुलिस ने दुकान से प्रिंट किए हुए और अर्ध निर्मित प्रिंट किए हुए लगभग 10 लाख रुपए के 500 के नोट बरामद कर किये हैं।  पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि जिस कागज पर नोट को प्रिंट किया जाता है वह कागज और पेंट यह लोग कहां से मंगवाते थे और इस गिरोह में कौन-कौन लोग शामिल हैं, जो छपे हुए नोट और कागजातों को बाजार में बेचने का काम किया करते थे।
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