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Bihar News : एक विवाह ऐसा भी; 51 जोड़े जीवनभर के लिए बंध रहे, गंभीर बीमारी पर मैसेज देंगी मशहूर हस्तियां

Sun, 25 Jun 2023 06:01 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

2010 से यह मुहिम चल रही है। यह एक सामूहिक विवाह नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जिसमें लोगों के दिल मिलें और दिल की बात बाकी लोगों तक पहुंचे। इसमें कई तरह के ऐसे मैसेज दिए जाते हैं, जिससे परिवार खुशहाल रहे।
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पटना में 51 जोड़े करेंगे शादी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में पिछले 13 साल से हो रहा 'एक विवाह ऐसा भी’ इस बार भी फिर चर्चा में है। इस खास शादी में हर बार कुछ अलग होता है। इस बार पटना के SK मेमोरियल हॉल में 51 जोड़े शादी करेंगे। शाम छह बजे सारे दूल्हे घोड़ी चढ़कर महाराणा प्रताप भवन से एकसके मेमारियल के लिए निकल गए। इसमें तीन दिव्यांग जोड़े शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। 'एक विवाह ऐसा भी’ कई मायनों में अलग होगा। शादी की बाकी खूबसूरती के बीच देश के नामी लोग शिरकत करेंगे। इसी बीच थैलीसीमिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया जैसे गंभीर मुद्दे पर अनूठे तरीके से समाज को मैसेज दिया जाएगा। आइए जानते हैं 'एक विवाह ऐसा भी’ क्यों देश में अजूबा है...

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रीतियों-रिवाजों के साथ शादी कराई जाती है
यहां मजबूरी के कारण शादी नहीं कर पा रहे जोड़ों की उनकी रीतियों-रिवाजों के साथ शादी कराई जाती है। इसमें समाज के प्रबुद्ध और सम्मानित विभूतियों के आशीर्वाद के अलावा इन जोड़ों को गृहस्थी आरम्भ करने के लिए महत्वपूर्ण सामग्री भी उपहार स्वरूप प्रदान किए जाते हैं। मां वैष्णो देवी सेवा समिति यह सब करती है। इसी समिति ने बिहार में आम लोगों के प्रयास से आम लोगों के लिए मां ब्लड सेंटर की स्थापना की है।

वर की उम्र 21 वर्ष और वधू की उम्र 18 से कम नहीं होनी चाहिए 
अगर कोई भी ऐसा आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार है, जिन्होंने अपने बेटियों की शादी तय कर दी है या उन्होंने अपने बेटियों के लिए दूल्हा देख लिया है लेकिन पैसे के अभाव में उनकी शादी नहीं हो पा रही है तो वे इस संस्थान से निःशुल्क फॉर्म ले कर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन कराने से पहले यह ध्यान में रखना जरुरी है कि वर की उम्र कम से कम 21 वर्ष और वधु की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। शादी के लिए यहां इससे संबंधित प्रमाण-पत्र भी लिया जाएगा।
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चयनित जोड़ों को पटना बुलाया जाता है
एक विवाह ऐसा भी' के लिए रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बाद विभिन्न इलाकों से चयनित जोड़ों को पटना बुलाया जाता है और वहां उनसे शादी के लिए अंतिम सहमति ली जाती है। इस दौरान वर और वधु के परिवार वालों से पूछा जाता है कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से शादी कर रहे हैं, वहीं वर-वधु की भी सहमति ली जाती है। अंतिम चयन के बाद 51 वरों को सूट पीस और 51 वधुओं को शगुन की साड़ी दी जाती है।

हमारा मकसद हर बार एक नए मुद्दे को उठाना होता है
सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश हिसारिया का कहना है कि 2010 से यह मुहिम चल रही है। यह एक सामूहिक विवाह नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जिसमें लोगों के दिल मिलें और दिल की बात बाकी लोगों तक पहुंचे। इसमें कई तरह के ऐसे मैसेज दिए जाते हैं, जिससे परिवार खुशहाल रहे। जैसे- थैलीसीमिया, हीमोफीलिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के बारे में आम लोगों को कम जानकारी थी तो उसपर विस्तार से यहां बताया जाता है ताकि भविष्य न बिगड़े। जब दो थैलीसीमिया माइनर की शादी होती है तो ऐसे बच्चों का जन्म होता है जिन्हें जिन्दगी भर ब्लड चढ़ाना पड़ सकता है। इस कार्यक्रम के बहाने लोगों को जागरूक करने का काम करते हैं। हमारा मकसद हर बार एक नए मुद्दे को उठाना होता है। जैसे पिछली बार थैलीसीमिया विषय को उठाया तो लोगों ने इस मुद्दे को बड़े ही संजीदगी से महसूस किया और थैलीसीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए सहयोग भी किया। एक बार एसिड अटैक पीड़ित लोगों को सामने लाया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी एसिड पीड़ित लोगों को तीन तीन लाख रुपये दिए थे। इस बार हम मस्कुलर डिस्ट्रॉफी पीड़ित मरीजों को सामने ला रहे हैं।

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SK मेमोरियल हॉल शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे लोग। - फोटो : अमर उजाला
25 जून को 10-10 रिश्तेदारों के साथ महाराण प्रताप भवन में पहुंचे 51 जोड़े
आज सभी जोड़ों को पटना के महाराणा प्रताप भवन बुलाया जाएगा। यहां वर और वधु अपने 10-10 रिश्तेदारों के साथ पहुंचे। यहीं से शादी के दिन की सारी रस्में पूरी कर शाम 4 बजे एक साथ 51 दूल्हों की बारात निकली। इस दौरान यहां पर उनके लिए सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना व शादी की रस्मों के लिए अन्य इंतजाम मां वैष्णो देवी सेवा समिति की ओर से किए जा रहे।

श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में होगी शादी
महाराणा प्रताप से घोड़ों पर सवार होकर 51 दूल्हों की बारात श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचने वाली है। यहां शादी के लिए मंडप, जयमाला और अन्य कार्यक्रमों के लिए स्टेज भी बनाया गया है। यहां पर एक साथ 51 जोड़ों शादी के पवित्र बंधन में बधेंगे। इसके बाद यहां नवविवाहित जोड़ों के लिए रिसेप्शन का भी इंतजाम किया है।

नवविवाहित जोड़ों को दिया जाएगा खास उपहार
शादी के बाद नवविवाहित जोड़ों को मां वैष्णो देवी सेवा समिति की ओर से बतौर उपहार एक साइकिल, एक सिलाई मशीन और एक सेट बर्तन और 15 दिन का राशन भी दिया गया है। इस उपहार को देने का हमारा उद्देश्य यह है कि साइकिल से पति कमाने जाए और सिलाई मशीन से पत्नी घर पर कुछ काम कर सके। वहीं बर्तन सेट और 15 दिनों का राशन इसलिए दिया जाता है कि नवविवाहित जोड़ा खाना खा सके।

शादी में शरीक होंगी कई नामचीन हस्तियां
एक विवाह ऐसा भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कई नामचीन हस्तियां भी शरीक होंगी। इसके साथ कार्यक्रम में गीत-संगीत की पेशकश के लिए टीवी कलाकारों को भी आमंत्रित होंगें। समारोह के दौरान बिहार के पांच खास व्यक्तियों जिन्होंने अपने काम से देश और दुनिया में नाम कमाया है, उन्हें सम्मानित भी किया गया।

घर बैठे लाइव देख सकेंगे सामूहिक विवाह
एक विवाह ऐसा भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में करीब 5000 लोग शरीक होते हैं। वैसे जो लोग घर बैठे भी एक साथ 51 दूल्हों की बारात देखना, एक साथ वर-वधु को माला पहनाते देखना, एक साथ 51 जोड़ों को फेरे लेते देखना चाहते हैं, तो वे समिति की बेवसाइट पर जाकर देख सकते हैं।श्री कृष्णा मेंमोरिअल हॉल, पटना से YouTube पर LIVE देख सकते हैं!
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