23 जून को पटना एयरपोर्ट पर सीएम नीतीश कुमार ने राहुल गांधी का स्वागत किया था।
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बेरोजगारों को रोजगार देना है, कामगार को काम देना है
सीएम नीतीश कुमार आगे लिखते हैं कि महात्मा गांधी का देश, सरदार पटेल का, सुभाष चंद्र बोस का, पंडित नेहरू का, बाबा साहब अम्बेडकर का, मौलाना आजाद का, 140 करोड़ भारतीयों का.... हम सबका देश। हमें धनपशुओं और तानाशाहों से बचाना है। बेरोजगारों को रोजगार देना है, कामगार को काम देना है, छात्रों को शिक्षा, बीमार को चिकित्सा, बुजुर्गों को हौसला देना, महिलाओं को सशक्त बनाना है। देश की प्राथमिकता तो धनपशुओं की जगह देशवासियों के हितों की सुरक्षा ही होनी चाहिए। देश में शांति चाहिए, भाईचारा चाहिए, अमन चाहिए, सुकून चाहिए। पाटलिपुत्र यही पुकार रहा है।
दौर बदलने के साथ निश्चित ही लोग बदल जाते है
जेपी को स्मृतियों में रखे हुए आज वामपंथी, मध्यमार्गी, समाजवादी सब एकजुट हो कर पाटलिपुत्र आ गए हैं। स्वर्ग से लोकनायक याद कर रहे होंगे कि कभी कैसे उन्होंने ऐसे ही अंधकार भरे माहौल में...शून्यता की स्थिति में.. बिना किसी पद लोभ के सभी दलों को एक कर सम्पूर्ण क्रांति का नारा दिया था। इस देश को बचा लिया गया था। वे आज अपनी कीर्ति को सम्पूर्ण क्रांति में शरीक अपने चेले नीतीश जी द्वारा दोहराए जाने की दिशा में बढ़ते देख कर मुस्कुरा रहे होंगे। दौर बदलने के साथ निश्चित ही लोग बदल जाते हैं, किंतु इतिहास कई बार दोहराया जाता है। जेपी की भूमि से, गुरु गोविंद सिंह की भूमि से, बुद्ध की भूमि से उभर कर आ रही तस्वीर अभी आगाज है, अंजाम लोकतंत्र के हित में होगा। अब जेपी की विरासत नीतीश जी के हवाले है। वे सर्वसम्मति से यूपीए के संयोजक बनाए गए हैं।