मांस-भात भोज को लेकर जदयू नेता ललन सिंह के खिलाफ प्रदर्शन करते एनसीपी नेता-कार्यकर्ता
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बिहार प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता संजय केसरी की अध्यक्षता में पूर्व घोषित चरणबद्ध आंदोलन के तहत आज शहीद स्मारक के सामने एक दिवसीय धरना दिया गया। इस दौरान एनसीपी नेता ने सांसद ललन सिंह से सवाल किया कि महाभोज के लिए काटे गए चार हजार बकरों का अवशेष (अंतड़ी, खून और हड्डी वगैरह) कहां फिंकवाए गए। क्या जन चर्चाओं के अनुसार वास्तव में इसे गंगा नदी में फिंकवा दिया गया।
'डॉक्टरों की सूची, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट कहां हैं'
संजय केसरी ने कहा कि महाभोज के लिए काटे गए चार हजार से भी अधिक बकरों का एंटीमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों की सूची और उनके द्वारा जारी किए गए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट कहां हैं। केसरी ने सवाल किया कि क्या पोलो मैदान का आवंटन कराया गया था और महाभोज के लिए पैंतीस हजार से भी ज्यादा भीड़ इकट्ठा करने के पहले कार्यक्रम की प्रशासनिक स्वीकृति ली गई थी?
'क्या बिहार के धीरज साहू हैं ललन सिंह'
वहीं, जिला अध्यक्ष सत्यनारायण साह और आजाद शर्मा ने कहा कि इतने बड़े आयोजन की प्रशासनिक स्वीकृति ली गई या नहीं तथा पोलो मैदान का आरक्षण कराया गया या नहीं। महिला जिला अध्यक्ष संयुक्ता सिंह चौहान और नगर अध्यक्ष सोनी सिन्हा ने कहा कि सांसद ललन सिंह सिर्फ मुंगेर और लखीसराय के महाभोज में दस-बारह करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। इस तरह इनके पास चल-अचल संपत्ति कितनी होगी, क्या बिहार के धीरज साहू, ललन सिंह हैं।
धरना खत्म करने पर केसरी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी से मिलकर महामहिम राष्ट्रपति महोदय को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अजय प्रसाद सिंह, मो० तौसीफ, दिनेश तांती, जूली शर्मा, पप्पू मंडल, गोबिंद साहनी, निरंजन गुप्ता, हरिओम कुमार, प्रीति सिंह, शोभा देवी और शंकर यादव सहित अनेकों कार्यकर्ता मौजूद रहे।