बिहार के 31 नगर निकायों के 805 खाली पदों पर 11 जून को रिजल्ट आ गया। 58 केंद्रों पर काउंटिंग शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। इसमें कुल 18 नगर परिषद और 10 नगर पंचायत क्षेत्र के चुनाव परिणाम आए। कुल 741 वार्ड पार्षद पद के लिए हुए चुनाव में महिलाओं 430 और पुरुषों को 311 पद पर जीत मिली। चुनाव में 32 मुख्य पार्षद भी चुन लिए गए। सबसे चर्चित सीट रहे सहरसा नगर निगम के मेयर पद पर हुए चुनाव में दिवंगत भाजपा विधायक की पत्नी बैन प्रिया ने जदयू सांसद दिनेश चंद्र यादव की पत्नी रेणु सिन्हा को हराया। वहीं भाजपा MLA विनय बिहारी की पत्नी भी हारीं। नगर पालिका आम / उप निर्वाचन में 9 वार्ड पार्षद निर्विरोध पहले ही थे।
पति के हत्यारोपी को रीना देवी ने हराया
इधर, नरकटियागंज नगर परिषद से मुख्य वार्ड पार्षद के पद पर रीना देवी ने राधेश्याम तिवारी को हराया। यह वही राधेश्याम हैं, जिन पर रीना देवी के पति राजेश श्रीवास्तव के हत्या का आरोप है। नवगठित मच्छरगांवा नगर पंचायत में सभापति के पद अश्विनी कुमार जीते। इधर, उप मुख्य पार्षद के 32 विजेताओं में पुरुषों की संख्या 19 है। मुख्य पार्षद के 32 विजेताओं में 17 पुरुष हैं। जिन सीटों पर किसी कारणवश चुनाव नहीं हो सका था या जिनके विजेताओं की असामयिक मौत से पद खाली हुआ, वहां यह चुनाव हुआ था।
पटना मेयर की बहू 1602 वोट से जीतीं
कुल 805 विजेताओं में 458 मिहला और 347 पुरुष हैं। बिहार में इस बार नगर निकाय चुनाव में मेयर (मुख्य पार्षद) भी सीधे आम वोटरों ने चुने हैं। पटना नगर निगम के वार्ड 58 के पार्षद चुनाव में महापौर सीता साहू की बहू श्वेता कुमार ने अपनी प्रतिद्वंदी पूजा कुमारी को 1602 वोट से हरा दिया। मधुबनी नगर निगम के पहले मेयर पद पर अरुण राय और डिप्टी मेयर के पद पर अमानुल्लाह खान ने जीत दर्ज की। अरुण राय को कुल 22566 वोट मिले, वहीं दूसरे स्थान पर रहे असलम अंसारी को 13699 वोट मिले।