चारा घोटाले मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को पांच साल की सजा के बाद एक और मामले की परत दर परत खुल रही है।
जानकारी के मुताबिक लालू प्रसाद के निजी सचिव मुकुल किशोर कपूर पिछले 17 सालों से गायब हैं। एक समय में वे लालू प्रसाद के 'आंख-कान' कहे जाते थे।
चारा घोटाला सामने आने के बाद से ही सीबीआई मुकुल कुमार की तलाश कर रही है। मुकुल 1990 से 1996 तक लालू प्रसाद क साथ बतौर निजी सचिव रहे।
इस दौरान उसका दबदवा इस कदर था कि किसी फाइल को लालू तक जाने के लिए मुकुल की हां जरूरी होती थी। पिछले दिनों यह चर्चा गर्म थी कि उसने पटना में दो फ्लैट भी खरीदे हैं।
वक्त-वक्त पर उनकी चर्चाएं सामने आती रही हैं, कयास लगाने वाले उसके उत्तराखंड की राजधानी में पहचान छिपाकर रहने की बात करते हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, "मुकुल चारा घोटाला मामले में किसी भी आदमी से ज्यादा जानकारी रखने वाला व्यक्ति है, क्योंकि उसे लालू की आंख-कान माना जाता था। लेकिन, जैसे ही चारा घोटाला उजागर हुआ वह लापता हो गया। मुकुल ही कथित रूप से चारा घोटाले की राशि का हिसाब-किताब रखता था।"
लालू प्रसाद के विरोधियों का दावा है कि राजद प्रमुख को बचाने के लिए मुकुल को लापता कर दिया गया।