पुलिस ने कहा था- दोनों के हाथ में गोदना था
घटना के संबंध में नौबतपुर के थानेदार सम्राट दीपक ने कहा था कि कृष्णा जो जिंदा लौटा है और जो मारा गया, दोनों को व्यक्ति के हाथों में गोदना कर कृष्णा मांझी लिखा था। लेकिन जब मामले की जांच की गई तो ऐसा नहीं पाया गया। इस बात से यह जाहिर होता है कि पुलिस खुद को बचाने के लिए यह बात कर रही थी। वहीं, सिटी एसपी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि जो कृष्णा जिंदा है, उसके हाथ में गोदना नहीं है।
एसपी ने कहा कि कृष्णा मांझी के पिता और पत्नी ने लाश की पुष्टि की थी, लेकिन अब पुष्टि किया गया व्यक्ति वापस लौट आया है। हम इस बात की जांच करेंगे कि आखिर असल में वह व्यक्ति कौन था जो भीड़ हिंसा में मारा गया।
पुलिस देख रही घटना का वीडियो फुटेज
मृतक घोषित किए गए कृष्णा के लौटने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस घटना के दिन का वीडियो फुटेज देखने में जुट गई है जिससे इस बात की पुष्टि हो जाए कि आखिर वह कृष्णा मांझी कौन था, जिसे बच्चा चोरी के शक में भीड़ द्वारा मारा गया। पुलिस द्वारा एम्स में इलाज कराए गए कृष्णा का फोटो भी है।
देर होने से अदालत में नहीं हो सका बयान, थानेदार को फटकार
कृष्णा मांझी के जिंदा लौटने के बाद नौबतपुर पुलिस हरकत में आ गई है। इस मामले में एसएसपी ने थानेदार को कड़ी फटकार लगाई है। मामले की जांच रंजीत कुमार कर रहे है। मामला उजागर होने के बाद थानेदार सम्राट दीपक कुमार खुद कृष्णा मांझी को लेकर उसका 164 का बयान दर्ज कराने दानापुर अदालत पहुंचे। लेकिन देर हो जाने के कारण बयान दर्ज नहीं हो सका। थानेदार ने बताया कि कृष्णा का बयान सोमवार को होगा।
कृष्णा ने कहा - मुझे क्या पता क्या हुआ यहां
जिंदा लौट कर वापस आए कृष्णा मांझी ने कहा कि मैं तो काम के सिलसिले से बाहर गया था। मुझे तो पता ही नहीं है कि मेरे जाने के बाद यहां क्या क्या हो गया? वहीं, सेंट्रल रेंज के आईजी संजय सिंह ने कहा कि सिटी एसपी वेस्ट कुमार अभिनव को जांच का आदेश दिया गया है। अगर जांच में थानेदार या आईओ की लापरवाही हुई होगी तो कार्रवाई होगी।