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भीड़ हिंसा में मारा गया 'मृतक' वापस लौटा, पत्नी बोली- पुलिस ने जबरन दे दी थी दूसरी लाश

Sun, 17 Nov 2019 03:21 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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सिटी एसपी - फोटो : ANI
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बिहार में भीड़ हिंसा में हत्या का मामला दर्ज होने और 23 आरोपियों के जेल जाने के तीन महीने बाद मरने वाला युवक जिंदा लौट आया। पत्नी ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उस दौरान पटना पुलिस ने एक शव दिखाकर कहा था कि यही तुम्हारे पति हैं। पत्नी ने बताया कि उस वक्त चेहरा साफ नहीं दिख रहा था। पुलिस के कहने पर वह शव लेकर चली गई थी। 

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पत्नी ने बताया कि पैसा ना होने के चलते घर के बर्तन बेचने के साथ ही कर्ज लेकर पति का श्राद्ध किया। उसने बताया कि प्रशासन की ओर से कुछ भी नहीं मिला। वहीं, पांच महीने से लापता पति जिंदा लौट आए। फिलहाल इस लापरवाही के बाद से ही पुलिस की तरफ से कहा जा रहा है कि पुलिस ने मृतक के कपड़े पत्नी को दिखाए थे, और उन्होंने इस बात की पुष्टि की थी कि यह उनके पति के ही कपड़े हैं। 

पुलिस की लापरवाही इस बात से भी सामने आती है कि भीड़ हिंसा के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार हुए तीन माह से अधिक हो गए, पर अभी तक चार्जशीट तक दाखिल नहीं हुई। चार्जशीट नहीं होने का मतलब है कि पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई। जिन आरोपियों को जेल भेजा गया, उन पर तफ्तीश चल रही है। कोर्ट सूत्रों के अनुसार, इस मामले में दो आरोपियों को पटना उच्च न्यायालय और एक आरोपी को दानापुर अदालत से जमानत मिल गई।
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तय समय सीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर पुलिस पर केस हो
पटना उच्च न्यायालय के वकील प्रभात भारद्वाज ने बताया कि आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद तीन माह में चार्जशीट होना जरूरी है। चार्जशीट नहीं होने से पता चलता है कि पुलिस की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि चार्जशीट नहीं होने पर आरोपियों को सीआरपीसी 167 के तहत जमानत मिल जाएगी। वकील ने कहा कि पुलिस पर भी लापरवाही का केस होना चाहिए। 

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पुलिस ने कहा था- दोनों के हाथ में गोदना था
घटना के संबंध में नौबतपुर के थानेदार सम्राट दीपक ने कहा था कि कृष्णा जो जिंदा लौटा है और जो मारा गया, दोनों को व्यक्ति के हाथों में गोदना कर कृष्णा मांझी लिखा था। लेकिन जब मामले की जांच  की गई तो ऐसा नहीं पाया गया। इस बात से यह जाहिर होता है कि पुलिस खुद को बचाने के लिए यह बात कर रही थी। वहीं, सिटी एसपी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि जो कृष्णा जिंदा है, उसके हाथ में गोदना नहीं है।


एसपी ने कहा कि कृष्णा मांझी के पिता और पत्नी ने लाश की पुष्टि की थी, लेकिन अब पुष्टि किया गया व्यक्ति वापस लौट आया है। हम इस बात की जांच करेंगे कि आखिर असल में वह व्यक्ति कौन था जो भीड़ हिंसा में मारा गया। 

पुलिस देख रही घटना का वीडियो फुटेज
मृतक घोषित किए गए कृष्णा के लौटने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस घटना के दिन का वीडियो फुटेज देखने में जुट गई है जिससे इस बात की पुष्टि हो जाए कि आखिर वह कृष्णा मांझी कौन था, जिसे बच्चा चोरी के शक में भीड़ द्वारा मारा गया। पुलिस द्वारा एम्स में इलाज कराए गए कृष्णा का फोटो भी है। 

देर होने से अदालत में नहीं हो सका बयान, थानेदार को फटकार
कृष्णा मांझी के जिंदा लौटने के बाद नौबतपुर पुलिस हरकत में आ गई है। इस मामले में एसएसपी ने थानेदार को कड़ी फटकार लगाई है। मामले की जांच रंजीत कुमार कर रहे है। मामला उजागर होने के बाद थानेदार सम्राट दीपक कुमार खुद कृष्णा मांझी को लेकर उसका 164 का बयान दर्ज कराने दानापुर अदालत पहुंचे। लेकिन देर हो जाने के कारण बयान दर्ज नहीं हो सका। थानेदार ने बताया कि कृष्णा का बयान सोमवार को होगा।

कृष्णा ने कहा - मुझे क्या पता क्या हुआ यहां
जिंदा लौट कर वापस आए कृष्णा मांझी ने कहा कि मैं तो काम के सिलसिले से बाहर गया था। मुझे तो पता ही नहीं है कि मेरे जाने के बाद यहां क्या क्या हो गया? वहीं, सेंट्रल रेंज के आईजी संजय सिंह ने कहा कि सिटी एसपी वेस्ट कुमार अभिनव को जांच का आदेश दिया गया है। अगर जांच में थानेदार या आईओ की लापरवाही हुई होगी तो कार्रवाई होगी। 
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