बिहार में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सोमवार को एक बैठक में बड़े फैसले लिए हैं। इस बैठक में बिहार में 15 साल पुराने सभी सरकारी व व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है।
15 वर्ष से अधिक पुराने निजी वाहन को फिर से प्रदूषण से संबंधित फिटनेस प्रमाण पत्र लेना होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को पर्यावरण संबंधी भीषण समस्या पर उच्चस्तरीय बैठक में ये निर्णय लिए गए।
राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री की बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बड़ी संख्या में किरासन मिश्रित डीजल से वाहन चल रहे हैं। पटना में प्रदूषण की ये भी बड़ी वजह है।