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बिहार सरकार ने वायु प्रदूषण पर लिए बड़े फैसले, वाहनों के साथ किसानों पर भी होगी सख्ती

Tue, 05 Nov 2019 04:34 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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सीएम नीतीश कुमार - फोटो : Facebook
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बिहार में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सोमवार को एक बैठक में बड़े फैसले लिए हैं। इस बैठक में बिहार में 15 साल पुराने सभी सरकारी व  व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है।

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15 वर्ष से अधिक पुराने निजी वाहन को फिर से प्रदूषण से संबंधित फिटनेस प्रमाण पत्र लेना होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को पर्यावरण संबंधी भीषण समस्या पर उच्चस्तरीय बैठक में ये निर्णय लिए गए।

राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री की बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बड़ी संख्या में किरासन मिश्रित डीजल से वाहन चल रहे हैं। पटना में प्रदूषण की ये भी बड़ी वजह है।
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बैठक में पुआल जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने का भी निर्णय लिया गया

विशेष रूप से ऑटो रिक्शा और कुछ सिटी बसों में ऐसा हो रहा है। इसके लिए सख्ती से जांच अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सूबे के सभी ईंट-भट्ठों की जांच कर यह देखने का भी आदेश दिया कि वे प्रदूषण नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं।

बैठक में पुआल जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने का भी निर्णय लिया गया। किसानों को पुआल जलाने पर कृषि से संबंधित सब्सिडी नहीं दी जाएगी। फसल अवशेष को जलाने से रोकने के लिए उसे जल-जीवन-हरियाली अभियान से जोडऩा होगा।

 बता दें कि बिहार के प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति हो गई है। देश में सर्वाधिक वायु प्रदूषण वाले 10 शहरों में बिहार की राजधानी पटना भी है।  मुजफ्फरपुर और गया की भी स्थिति इस मामले में बदतर है।
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