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Election in Bihar 2020: जदयू के खिलाफ चुनावी रण में उतरेगी लोजपा, भाजपा का 'चिराग' पर मौन समर्थन?

Mon, 05 Oct 2020 04:54 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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बिहार चुनाव 2020: नीतीश कुमार-राम विलास पासवान-चिराग पासवान-अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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Bihar Election 2020: लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान बिहार की सत्ता से नीतीश कुमार को बेदखल करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। एनडीए का हिस्सा रहते हुए वो जनता दल यूनाइडेट (जदयू) के खिलाफ कमर कस रहे हैं। दिल्ली में रविवार को हुई संसदीय दल की बैठक में उन्होंने जदयू के खिलाफ उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।

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बैठक के बाद पार्टी का कहना है कि कोई भी उम्मीदवार भाजपा के खिलाफ चुनाव मैदान में नहीं खड़ा होगा और जीतने वाले सभी उम्मीदवार भाजपा-लोजपा की सरकार बनाएंगे। वहीं जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन का कहना है कि जब तक भाजपा-नीतीश कुमार का गठबंधन बरकरार है हमें प्रचंड बहुमत मिलने को लेकर कोई संदेह नहीं हैं।  

एनडीए के नेताओं के एक वर्ग का कहना है कि नीतीश कुमार पर महीनों से निशाना साधने वाले चिराग पासवान के कदम को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का मौन समर्थन प्राप्त है। उनके बिना ऐसा होना संभव ही नहीं था। लोजपा ने राज्य स्तर पर वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए कहा है कि वह बिहार विजन डॉक्यूमेंट को लागू करना चाहती है। जिस पर जदयू के साथ आम सहमति तक पहुंच गई है।
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लोजपा का कहना है कि भाजपा के साथ हमारा मजबूत गठबंधन है और बिहार में भी यह सहयोग जारी रहेगा। हमारे संबंधों में किसी तरह की खटास नहीं है। लोजपा का फैसला जदयू के साथ कई महीनों से चल रहे विवाद के बाद आया है। राज्य में कोरोना वायरस संकट से निपटने और नीतीश के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को एनडीए में शामिल करने जैसे कई मुद्दे हैं जिन्हें लेकर लोजपा का विवाद चल रहा है।

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मांझी एक दलित नेता हैं और पासवान का भी दलित समाज में जनाधार है। लोजपा की बैठक में चिराग पासवान ने राज्य की सत्ता के शीर्ष पद पर बैठने की अपनी महत्वकांक्षा को जाहिर किया है। उनकी पार्टी ने सीटों के बंटवारे पर जल्द फैसला लेने की भी मांग की थी लेकिन भाजपा की तरफ से इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

लोजपा ने कई बार इस बात को स्पष्ट कर दिया था कि यदि उसे उचित संख्या में सीटें नहीं मिली तो वह जदयू के खिलाफ चुनाव लड़ेगी, भाजपा इसपर चुप्पी साधे रही है। पिछले हफ्ते लोजपा ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक में अल्टीमेटम दिया लेकिन इस मामले पर कोई प्रगति नहीं हुई।
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लोजपा के जदयू के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा से पहले सूत्रों ने सीटें साझा करने की व्यवस्था के बारे में कहा था कि जदयू को 243 में से 122 सीटें मिलेंगी, जबकि भाजपा को 121 सीटें मिलेंगी। भाजपा के लोजपा को अपने हिस्से में से सीटें देने की उम्मीद है। भाजपा की तरफ से कोई निर्णय न होने पर एलजेपी ने रविवार दोपहर दिल्ली में पार्टी की संसदीय दल की बैठक में अपना फैसला कर लिया। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब रामविलास पासवान बीमार हैं और उनके दिल का ऑपरेशन हुआ है।

मोदी-शाह सहित भाजपा नेताओं ने की चिराग से बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं ने चिराग पासवान से बातचीत की और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का हाल-चाल जाना। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान से फोन पर बातचीत की।

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