दिवाकर की मां ने लगाई न्याय की गुहार।
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मांग में पति के नाम का सिंदूर तक नहीं लगाती उषा शरण
पूर्व विधायक की पत्नी उषा शरण ने कहा कि वह अपने पति से 25 वर्षों से अलग रहती है। वह अपने पति के नाम का सिंदूर तक नहीं लगाती है। उन्होंने कहा पति के विधायक बनने के पहले उन दोनों के बीच सबकुछ ठीक था। इस बीच 1995 में रवींद्र पहली बार अरवल से विधायक बने। विधायक बनने के बाद से उनका दूसरी महिला से अवैध संबंध शुरू हो गया। जब मैंने इसका विरोध किया तो उन्होंने तलाक देने की बात कही। कहा कि वह पति के रहते हुए भी उनकी प्रताड़ना के कारण 25 सालों से मांग में पति के नाम का सिंदूर नहीं लगाती हूं। उषा ने आरोप लगाया कि बेटे की हत्या विधायक के इशारों पर ही की गई है।
रोहिणी आचार्या का ससुराल भी इसी गांव में है
बता दें कि राजद सुप्रीमो लालू की बेटी रोहिणी आचार्य की शादी इसी गांव में हुई है। पूर्व विधायक राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के करीबी हैं। पूर्व वियायक का गांव ही उनकी बेटी रोहिणी आचार्य का ससुराल है। रविंद्र सिंह राजद के टिकट से ही अरवल से दो बार विधायक निर्वाचित हुए हैं।