मो. अकील की फाइल फोटो।
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आरा में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर की पंखे से लटकी लाश मिली है। परिजनों का कहना है कि अपराधियों ने हत्या कर लाश को पंखे में टांग दिया है। वहीं कुछ लोग इसे आत्महत्या बता रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हेडमास्टर मो. अकील परेशान लग रहे थे। आशंका है कि उन्होंने पंखे से लटक कर जान दे दी।
इधर, घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। मृतक की पहचान शिवहर के डुमरी कचहरी प्रखंड के नयागांव निवासी मास्टर नसरूल हक के 52 वर्षीय पुत्र मो. अकील के रूप में हुई है। वह पिछले 11 साल से बड़हरा प्रखंड के बलुआ उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बतौर शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। कृष्णागढ़ ओपी क्षेत्र के सरैया बाजार स्थित पूर्व मुखिया श्रीराम प्रसाद के घर में किराए के मकान में अकेले ही रहते थे।
पत्नी बोली- पिछले कुछ दिनों में तनावग्रस्त थे
मो. अकील की पत्नी ने कहा कि मृत शिक्षक मो. अकिल कुछ दिनों से विद्यालय के काम-काज के कारण काफी तनाव में रहते थे। पत्नी ने मौसिन अंजू ने बताया कि वह काफी दिनों से विद्यालय के टीसी के काम को लेकर परेशान थे। जबरन गलत टीसी बनवाया जा रहा था। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे और उनके अभिभावकों के द्वारा गलत-गलत टीसी कटवाया जाता था। साथ स्कूल के छात्र कभी इनका कागज ले कर भाग जाते थे। कभी हाथ से बैग छीन कर भाग जाते थे।
मिड डे मिल के कार्य में किसी ने रंगदारी दी थी
वहीं उनके भाई मो शकील का कहना है कि जिस विद्यालय में भैया प्रभारी प्रधानाध्यपक थे कि उस विद्यालय में मिड डे मिल योजना को लेकर किसी व्यक्ति द्वारा रंगदारी मांगी गई थी। विद्यालय का भवन निर्माण भी हो रहा था। उसमें भी किसी व्यक्ति के द्वारा पैसे की डिमांड की जा रही थी। वो व्यक्ति कौन है इसकी जांच पुलिस गंभीरता से करे। उन्होंने कहा कि मेरे भाई ने आत्महत्या की है या उसकी हत्या कर शव टांग दिया गया है इसकी जांच भी पुलिस करें।
मकान मालिक ने कहा- अंदर से लॉक था कमरा
मकानमालिक ने बताया कि अकिल 2011 से उनके मकान में रहते थे। उनका परिवार यदा-कदा यहां आकर रहा करता था। मृत शिक्षक गर्मी के छुट्टी बिताने के बाद विद्यालय खुलने पर आए थे। वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से तनाव में भी थे और उनकी पत्नी द्वारा शायद कही उनका इलाज भी कराया गया था। सुबह से जब वो अपने किराए के मकान से बाहर नहीं निकले तो लोगों को शक हुआ और उनकी खोज खबर लेने के लिए कमरे के पास गए तो अंदर से दरवाजा बंद था और कोई आवाज नहीं आ रही थी। इसके बाद हम लोगों ने इसकी सूचना कृष्णागढ़ ओपी पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलते ही कृष्णगढ ओपी प्रभारी विवेक कुमार द्वारा कमरे का दरवाजा तोड़वाया गया।