लॉकडाउन में कई दिनों से भूखे परिवार का पेट भरने के लिए एक 16 वर्षीय युवक ने चोरी करने की कोशिश की, लेकिन पकड़ा गया। मगर बिहार की एक अदालत ने मानवता दिखाते हुए उसे आरोपों से बरी कर दिया। यही नहीं प्रशासन को युवक के घर खाना पहुंचाने को भी कहा।
बिहार के नालंदा जिले में इस युवक ने अपने भाई और मानसिक रूप से विक्षिप्त मां का पेट भरने के लिए एक महिला का पर्स चुराने की कोशिश की थी। पुलिस के मुताबिक, 'इस्लामपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बाजार में 17 अप्रैल को वह एक महिला का पर्स लेकर भाग गया था। सीसीटीवी फुटेज से उसकी पहचान हुई और उसे हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया था।'
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट मानवेंद्र मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस नाबालिग के घर सरकारी योजना के तहत राशन पहुंचाया जाए और उसके रहने का भी प्रबंध किया जाए। मजिस्ट्रेट ने पुलिस को भी निर्देश दिए कि चार महीने के बाद इस नाबालिग के व्यवहार की रिपोर्ट पेश की जाए। उसी दिन आदेश भी सुनाया जाएगा।
यह नाबालिग अपनी मां और भाई के साथ खातोलना बिगाहा गांव में एक कच्ची झुग्गी में रहता है। अदालत के निर्देश के बाद इस्लामपुर के ब्लॉक विकास अधिकारी प्रियदर्शी राजेश ने कहा कि वह लड़के के घर गए और खाना व अन्य जरूरी सामान पहुंचा आए हैं।