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नीतीश को पीके का जवाब-आपमें इतनी हिम्मत है कि शाह के भेजे हुए आदमी की बात न सुनें?

Tue, 28 Jan 2020 06:43 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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Nitish Kumar, Prashant kishor - फोटो : ANI
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के बीच जुबानी जंग जारी है। नीतीश कुमार ने मंगलवार को प्रशांत किशोर पर तंज कसते हुए कहा कि जो जाना चाहता है, वो जा सकता है। शाम होते-होते प्रशांत किशोर ने पलटवार करते हुए कहा कि वह उन्हें जवाब देने के लिए बिहार आएंगे। 

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बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर के संबंध में पूछे गए सवाल पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर कोई ट्वीट कर रहा है, तो करे। जब तक कोई पार्टी में रहना चाहेगा, तब तक वह रहेगा। और जब वह जाना चाहेगा, तो जा सकता है। 

अमित शाह के कहने पर पार्टी में लाए : 

नीतीश ने कहा कि अमित शाह के कहने पर ही प्रशांत किशोर को पार्टी में लेकर आए थे। अमित शाह ने कहा था कि प्रशांत को पार्टी में शामिल कर लीजिए। अब अगर उन्हें जदयू के साथ रहना है, तो पार्टी की नीति और सिद्धांतों के मुताबिक ही चलना पड़ेगा। प्रशांत किशोर पिछले कई दिनों से संशोधित नागरिकता कानून को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। पवन वर्मा पर भी तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अपनी राय रखने के लिए सभी आजाद हैं। कोई पत्र लिखते हैं, तो कोई ट्वीट करते हैं। 

प्रशांत किशोर का जवाब 

प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर पलटवार करते हुए ट्वीट किया- आप (नीतीश) मुझे पार्टी में क्यों और कैसे लाए, इस पर इतना गिरा हुआ झूठ बोल रहे हैं। यह आपकी बेहद खराब कोशिश है, मुझे अपने रंग में रंगने की। अगर आप सच बोल रहे हैं तो कौन यह भरोसा करेगा कि अभी भी आपमें इतनी हिम्मत है कि अमित शाह द्वारा भेजे गए आदमी की बात न सुनें?

 

 


एनपीआर के कॉलम में गलतियां 

नागरिकता संशोधन कानून पर नीतीश कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को देख रही हैं। वहीं एनआरसी पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर हम पहले ही अपना विरोध जता चुके हैं। प्रधानमंत्री ने भी इसको लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। बिहार के सीएम ने एनपीआर के कॉलम में गलतियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि एनपीआर में माता-पिता के जन्म स्थान का विवरण मांगने वाले स्तंभों के संबंध में जो खामियां हैं, उसे लोकसभा और राज्यसभा में हमारे नेता सरकार से हटाए जाने को कहेंगे।  

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