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बिहार: शराबबंदी पर सीएम नीतीश कुमार की समीक्षा बैठक समाप्त, लिए गए कई अहम फैसले

Tue, 16 Nov 2021 08:06 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार में शराबबंदी के बाद भी चोरी-छिपे शराब की बिक्री जारी है। जहरीली शराब पीने से करीब पचास दिन के भीतर 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं। 
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शराबबंदी पर सीएम नीतीश कुमार की समीक्षा बैठक - फोटो : ANI
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विस्तार
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शराबबंदी वाले बिहार में धड़ल्ले से शराब की बिक्री हो रही है। जहरीली शराब पीने से राज्य में बीते एक महीने के भीतर 40 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। शराब से हो रही मौतों के बाद सरकार भी एक्शन की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शराबबंदी को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में डीजीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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सात घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में फैसला लिया गया कि 25 नवंबर को सभी सरकारी कर्मी नशामुक्ति के खिलाफ फिर से शपथ लेंगे। गांवों में शराबबंदी को प्रभावी रूप से लागू करने की जिम्मेदारी चौकीदारों को दी गई है। उन्हें गांव में हो रही अवैध गतिविधियों की जानकारी देनी होगी। इसमें असफल रहने पर चौकीदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

निर्देश : लापरवाह पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करें
पटना में राज्य के अपर मुख्य सचिव (गृह) चैतन्य प्रसाद ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने आज (मंगलवार को) शराबबंदी को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने शराबबंदी को लेकर कार्रवाई नहीं करने वाले थानों के कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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यही फैसला दफादारों को लेकर भी लिया गया है। अगर कोई सरकारी कर्मी शराब के धंधे में लिप्त पाया गया तो उस पर भी गाज गिरेगी। निर्णय लिया गया कि केंद्रीय टीम छापेमारी अभियान चलाएगी। शराब बरामद होने पर सीधे थाना प्रभारी पर कार्रवाई होगी। थाना अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत मिलने पर उन्हें 10 साल तक थानेदारी से वंचित रखा जाएगा।

होम डिलिवरी करने वालों पर विशेष नजर रखी जाएगी। सरकार के कॉल सेंटर पर आने वाली फोन कॉल पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इन सबकी समीक्षा हर दूसरे दिन की जाएगी। 
 
इसी महीने राज्य के तीन जिलों में जहरीली शराब पीने से 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। अकेले बेतिया में शराब पीने से 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि गोपालगंज में 12 से ज्यादा लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर में आधा दर्जन लोग शिकार हो गए। इन चार जिलों में सबसे अधिक कार्रवाई की गई है। 

इन चार जिलों में ही 19 हजार लीटर से अधिक देसी-विदेशी शराब बरामद की गई है। पुलिस टीम ने 749 छापेमारी की, जिसमें 568 लोगों को गिरफ्तार किया गया । इस दौरान 15,246 लीटर विदेशी शराब, 3435 लीटर देसी शराब, 497 लीटर महुआ चुलाई शराब और 500 लीटर स्प्रिट बरामद किया गया है। पुलिस ने 347 मामले दर्ज किए हैं।

समीक्षा बैठक से पहले बिहार पुलिस शराब व्यापारियों के खिलाफ पकड़ो मुहिम चला रही है। अभी तक 570 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा शराब की अवैध भट्ठियां तोड़ी जा रही हैं  

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