विरोध में लोगों ने की नारेबाी।
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हादसे के विरोध में लोगों ने जमकर नारेबाजी की
इधर, पुल हादसे के विरोध में लोगों ने जमकर नारेबाजी की। गिरे हुए पुल के सामने ग्रामीण खड़े हो गए इसके बाद नारेबाजी करने लगे। उनका कहना है कि घोड़ासहन प्रखंड के अमवा से चैनपुर स्टेशन जाने वाली सड़क में 40 फीट पुल बनने का काम चल रहा था। ढलाई के कुछ घंटे बाद ही पुल ध्वस्त हो गया। उन्होंने बताया कि आरसीसी पुल का निर्माण धीरेंद्र कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा करवाया जा रहा है।
नहर में गिरा 30 साल पुराना पुल।
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22 जून को सीवान में गिरा था पुल
सीवान के महाराजगंज अनुमंडल के पटेढ़ा और गरौली गांव के बीच
गंडक नहर पर पुल अचानक गिर गया। दरअसल, शनिवार सुबह अचानक पुल का एक पाया धंसने लगा। देखते ही पुल नहर में समा गया। हादसे के बाद दो गांव के बीच आवागमन बाधित हो गया है। इलाके में हड़कंप मच गया। लोग पुल के निर्माण कार्य पर सवाल उठा रहे हैं।
देखते ही देखते नदी में समा गया पुल।
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18 जून को बकरा नदी पर बना पुल गिरा था
बता दें कि 18 जून को अररिया जिले सिकटी प्रखंड में बकरा नदी पर बना पुल उद्घाटन से पहले ही
पुल ध्वस्त हो गया था। 182 मीटर का पुल कुल तीन हिस्सों में बना था। दो पाए के साथ दो हिस्सा नदी में समा गया। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण योजना के तहत बने इस पुल की लागत 7.79 करोड़ रुपये थी। 182 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण 2021 में शुरू हुआ था। शुरुआती दौर में यह 7 करोड़ 80 लाख की लागत का था, लेकिन बाद में नदी की धारा बदलने और एप्रोच सड़क को लेकर कुल 12 करोड़ की लागत का हो गया था।