बिहार में जदयू और कांग्रेस के संबंधों में आई खटास के बाद अब राजद और लोजपा के बीच भी विवाद शुरू हो गया है। लोकसभा सीटों के बंटवारे के सवाल पर दोनों दलों ने अपनी अलग राह चुनने के संकेत दिए हैं।
दरअसल कांग्रेस के साथ राजद का गठबंधन तय होने पर बनी सहमति के बाद लालू प्रसाद यादव इस दफा लोजपा को काफी कम सीटें देना चाहते हैं। दूसरी ओर लोजपा इस मामले में रत्ती भर भी समझौता करने के लिए तैयार नहीं है।
इस खटपट के दौरान ही भाकपा (माले) ने इन दोनों ही दलों से किनारा करते हुए अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा की है।
बिहार में कांग्रेस-आरजेडी-लोजपा का गठबंधन तय
बीते एक सप्ताह के अंदर बदले बिहार के राजनीतिक समीकरण भविष्य में नए गठजोड़ को जन्म दे सकते हैं। वैसे भी राजद खेमे का दावा है कि लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान अपने पुत्र चिराग पासवान की इच्छा के अनुरूप भाजपा का दामन थामने की तैयारी कर रहे हैं।
सीटों के बंटवारे पर जिस प्रकार दोनों ही दलों ने उग्र तेवर दिखाए हैं, उससे राज्य में लोजपा-कांग्रेस और राजद के महागठबंधन के बिखरने के आसार साफ दिख रहे हैं।
वैसे भी राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के जेल में रहने के दौरान भी दोनों दलों में तीखी बयानबाजी हो चुकी है। राजद जहां इस बार के चुनाव में लोजपा को छह-सात सीट से ज्यादा देने के लिए तैयार नहीं है, वहीं लोजपा पिछली बार मिली 12 सीटों से एक भी सीट घटाने के लिए तैयार नहीं है।
राजद की योजना कांग्रेस और लोजपा दोनों ही दलों को 15 सीटों तक ही सीमित रखने की है।