बिहार में एक्यूट एंसेफेलाइटिस सिंड्रोम यानी एईएस से बीचे हफ्ते में सात बच्चों की मौत हो चुकी है।
राज्य के अररिया जिले के सदर प्रखंड के बेलवा में रहने वाली छह साल की निदा परवीन की मौत सोमवार को हुई। निंदा की मौत के बाद अब मरने वाले बच्चों की संख्या अब सात तक पहुंच गई है।
बच्चों की मौत का सिलसिला बीते मंगलवार शुरु हुआ। सबसे पहले हडिया पंचायत के मुरबल्ला गांव में रहने वाली एक बच्ची शादिया की मौत की खबर आई, फिर इसी पंचायत की दो और हयातपुर पंचायत में भी दो बच्चों की मौत हो गई। बेलवा की रहने वाली एक और बच्ची की मौत इतवार को हो गई।
इस बारे में जानकारी देते हुए जिले के सिविल सर्जन बीके ठाकुर ने बताया, ''मृत बच्चों में एईएस के साथ-साथ कुछ दूसरे लक्षण भी पाए जा रहे हैं। ऐसे में मौत के कारणों के बारे में जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।''
टीकाकरण
इस बीच रविवार और सोमवार को हुईं मौतों की पुष्टि करते हुए जिला विकास आयुक्त और प्रभारी जिलाधिकारी प्रभात कुमार महता का कहना था, ''मृत बच्चों में एईएस के लक्षण पाए गए हैं। एईएस के पीडित नौ और बच्चों का इलाज अररिया जिले में चल रहा है और इनके इलाज के लिए अस्पताल में विशेष व्यवस्था की गई है।''
बेलवा पंचायत में 15 दिसंबर को जापानी एंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए बच्चों को टीका दिया गया था। 23 नवंबर से पूरे जिले में टीकाकरण का अभियान चल रहा है।
टीकाकरण के बाद भी हो रही मौतों के बाद अब यह मामला और भी गंभीर हो गया है। हालांकि जिले के सिविल सर्जन बीके ठाकुर ने इस आशंका को पूरी तरह खारिज किया है कि ये मौतें टीके के दुष्प्रभाव के कारण हुई हैं।
सर्दी के मौसम में एईएस के कारण बच्चों की हो रही मौतें भी राज्य के स्वास्थ्य विभाग की चिंता की लकीरों को ओर गहरा कर रही हैं। बिहार में हाल के सालों में सैकडों बच्चों की मौत अब तक गर्मी और बरसात मौसम के शुरूआत में जापानी एंसेफेलाइटिस के वजह से हुई है।
पिछले सप्ताह शुक्रवार को पांच बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डाक्टर सुरेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ टीम ने मुरबल्ला और मुहब्ब्त गांव का दौरा किया था।
टीम खून और रीढ के पानी (सीएसएफ) का नमूना लेकर पटना लौट चुकी है। अभी तक इसकी जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। जांच रिपोर्ट से ही यह साफ हो पाएगा कि मौतें जापानी एंसेफेलाइटिस से हुई है या फिर दूसरे तरह की एंसेफेलाइटिस से।