मंकी पॉक्स की जांच करने टीम तैनात की गई है।
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बिहार सरकार ने मंकीपॉक्स को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर जांच अभियान चलाया जा रहा है। पटना और गया एयनोर्ट पर विदेशों से आने वालों यात्रियों की निगरानी की जा रही है। यहां पर जांच केंद्र खोला गया है। एशिया और अफ्रीका के देशों से आने वाले एक-एक शख्य की जांच की जा रही है। इनका सारा डाटा, ट्रैवलिंग डिटेल इकट्ठा किया जा रहा है। बिहार सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जैसे ही किसी व्यक्ति में संक्रमण जैसे लक्षण दिखें, तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए फॉर्म में जानकारी भरवाकर उन्हें पटना एयरपोर्ट से ही नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करवाया जाए।
10 बेड की सुविधा उपलब्ध करवाई गई
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के लिए 10 बेड की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। जिस मरीज में भी मंकी पॉक्स के लक्षण दिखेंगे, उन्हें फौरन यहां लाया जाएगा। इसके लिए पटना और एयरपोर्ट पर एक-एक एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। इधर, बिहार में मंकीपॉक्स की तैयारियों की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बैठक बुलाई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ यह बैठक होगी।
मंकी पॉक्स को लेकर प्रशासन अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंकी पॉक्स के संदिग्ध मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। एक नोडल अधिकारी की भी नियुक्ति की गई है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि मंकी पॉक्स को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बाहर से आने वाले लोगों की जांच करवाई जा रही है। पितृपक्ष मेले को लेकर इंटरनेशल फ्लाइट की आवाजाही 15 सितंबर से शुरू होने वाली है। इसको लेकर भी हमलोग अलर्ट मोड पर हैं।
एक रोगी से दूसरे में फैलता है यह
डॉक्टरों की मानें तो मंकी पॉक्स एक वायरल संक्रमण है, जो एक रोगी से दूसरे में फैलता है। मरीज में संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कर उसे आइसोलेट किया जाएगा। विभिन्न देशों में मंकी पॉक्स के मरीज मिलने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में भी इसके संक्रमण की आशंका जताई है। इसी के तहत अलर्ट जारी किया गया है।