युवक को ले जाती हुए पुलिस
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राज्यपाल की सुरक्षा में बड़ी चूक, छात्र ने मंच के पास पहुंचकर नारेबाजी की
भागलपुर में तिलका मांझी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खान की सुरक्षा में गंभीर चूक सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान एक छात्र सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए मंच के समीप पहुंच गया और नारेबाजी करते हुए अपनी शिकायतों से जुड़ी पर्चियां हवा में उड़ा दीं। यह पूरी घटना राज्यपाल की मौजूदगी में हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई।
एक छात्र अचानक सुरक्षा घेरा पार कर मंच के सामने पहुंच गया। उसने नारेबाजी करते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ शिकायतों से जुड़ी पर्चियां फेंकीं। छात्र मंच के काफी करीब पहुंच गया था, जो वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा करता है। सुरक्षा कर्मियों को कुछ देर तक कुछ समझ ही नहीं आया और राज्यपाल की सुरक्षा में जोखिम की स्थिति बन गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पर्चियों में तिलका मांझी विश्वविद्यालय की अनियमितताएं, परीक्षा परिणाम में देरी और छात्र हितों की अनदेखी जैसे मुद्दे लिखे थे। छात्र ने यह कदम अपनी आवाज़ शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए उठाया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए छात्र को हिरासत में लिया। युवक का नाम आलोक बताया जा रहा है।
पुलिस उस युवक से पूछताछ कर रही है कि वह किस संगठन से जुड़ा है और उसकी मंशा क्या थी। यह पुलिस जांच के बाद ही पता चल पाएगा। राज्यपाल जैसी संवैधानिक संस्था की मौजूदगी में इस तरह की सुरक्षा चूक कैसे संभव हुई? आयोजकों और स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही क्यों हुई? क्या यह केवल एक छात्र की नाराजगी थी या इसके पीछे कोई संगठित विरोध था?