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TMBU Convocation: 48वां दीक्षांत समारोह संपन्न, राज्यपाल की सुरक्षा में चूक, छात्र ने मंच के पास की नारेबाजी

Fri, 25 Apr 2025 04:10 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

TMBU 48th Convocation: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) का 48वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को भव्यता के साथ आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता बिहार के राज्यपाल और कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खान ने की।
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टीएमबीयू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) का 48वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को बीएन कॉलेज परिसर में पूरे भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खान ने की।

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कार्यक्रम की शुरुआत सुबह छह बजे पीएचडी उपाधियों के वितरण से हुई, जिसमें अब तक 248 शोधार्थियों को डॉक्टरेट की डिग्रियां प्रदान की गई। इसके बाद मुख्य दीक्षांत सत्र में कुल 5117 छात्र-छात्राओं को डिग्री और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें स्नातकोत्तर, स्नातक, वोकेशनल और प्रोफेशनल कोर्स के विद्यार्थी शामिल रहे।

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इस अवसर पर तिलकामांझी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जवाहर लाल ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह टीएमबीयू के इतिहास का अब तक का सबसे भव्य और सबसे बड़ा आयोजन रहा है। उन्होंने सफलतापूर्वक डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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टीएमबीयू दीक्षांत समारोह में विधायक गोपाल मंडल को मंच पर बैठने से रोका गया
तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के 48वें दीक्षांत समारोह में उस समय असहज स्थिति देखने को मिली। जब जदयू के चर्चित विधायक रहे गोपाल मंडल को राज्यपाल के मंच पर बैठने से सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। इस घटना के चलते विधायक को लगभग 10 मिनट तक मंच के पास ही खड़े रहना पड़ा, जिससे कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न हुआ।

घटनाक्रम के अनुसार, गोपालपुर के विधायक गोपाल मंडल समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के मंच के पास जाने की कोशिश कर रहे थे। तभी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से मना कर दिया गया। इस बीच स्थिति को बिगड़ता देख, टीएमबीयू के कुलपति प्रो. जवाहरलाल ने हस्तक्षेप किया और विधायक को मंच के पास ही अन्यत्र सीट पर बैठने का आग्रह किया। इसके बाद विधायक को बैठाया गया। हालांकि, इस घटना को लेकर विधायक गोपाल मंडल ने कोई टिप्पणी नहीं की है।

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युवक को ले जाती हुए पुलिस - फोटो : अमर उजाला

राज्यपाल की सुरक्षा में बड़ी चूक, छात्र ने मंच के पास पहुंचकर नारेबाजी की
भागलपुर में तिलका मांझी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खान की सुरक्षा में गंभीर चूक सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान एक छात्र सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए मंच के समीप पहुंच गया और नारेबाजी करते हुए अपनी शिकायतों से जुड़ी पर्चियां हवा में उड़ा दीं। यह पूरी घटना राज्यपाल की मौजूदगी में हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई।

एक छात्र अचानक सुरक्षा घेरा पार कर मंच के सामने पहुंच गया। उसने नारेबाजी करते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ शिकायतों से जुड़ी पर्चियां फेंकीं। छात्र मंच के काफी करीब पहुंच गया था, जो वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा करता है। सुरक्षा कर्मियों को कुछ देर तक कुछ समझ ही नहीं आया और राज्यपाल की सुरक्षा में जोखिम की स्थिति बन गई।

मिली जानकारी के अनुसार, पर्चियों में तिलका मांझी विश्वविद्यालय की अनियमितताएं, परीक्षा परिणाम में देरी और छात्र हितों की अनदेखी जैसे मुद्दे लिखे थे। छात्र ने यह कदम अपनी आवाज़ शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए उठाया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए छात्र को हिरासत में लिया। युवक का नाम आलोक बताया जा रहा है।

पुलिस उस युवक से पूछताछ कर रही है कि वह किस संगठन से जुड़ा है और उसकी मंशा क्या थी। यह पुलिस जांच के बाद ही पता चल पाएगा। राज्यपाल जैसी संवैधानिक संस्था की मौजूदगी में इस तरह की सुरक्षा चूक कैसे संभव हुई? आयोजकों और स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही क्यों हुई? क्या यह केवल एक छात्र की नाराजगी थी या इसके पीछे कोई संगठित विरोध था?

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